चीन में कोरोना वायरस के कहर से भारतीय दूतावास ने रद्द किया गणतंत्र दिवस समारोह

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2020   14:27
चीन में कोरोना वायरस के कहर से भारतीय दूतावास ने रद्द किया गणतंत्र दिवस समारोह

चीन में फैले कोरानावायरस के प्रसार के कारण बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को गणतंत्र दिवस समारोह कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा की है।ताजा खबरों केअनुसार इस घातक वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़ कर25 हो चुकी है और 830 अन्य लोगों में इसकी पुष्टि हो चुकी है। इनमें से अधिकतर मामले चीन के हुबेई प्रांत में हैं।

बीजिंग। चीन में फैले कोरानावायरस के प्रसार के कारण बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को गणतंत्र दिवस समारोह कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा की है। इस बीमारी के कारण चीन में अबतक 25 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 800 से अधिक संक्रमित हो गये हैं। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला समारोह रद्द कर दिया गया है। दूतावास ने ट्वीट किया कि चीन में कोरोनावायरस के प्रसार तथा सार्वजनिक सभाओं एवं कार्यक्रमों को रद्द करने के चीनी अधिकारियों के निर्णय के आलोक में बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने 26 जनवरी को आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को रद्द करने का फैसला किया है।

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ताजा खबरों के अनुसार इस घातक कोरानावायरस से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 25 हो चुकी है और 830 अन्य लोगों में इसकी पुष्टि हो चुकी है। इनमें से अधिकतर मामले चीन के हुबेई प्रांत में हैं। राजधानी बीजिंग में इस बीमारी के अब तक 26 मामले सामने आये हैं। वायरस को फैलने से रोकने के लिए चीन ने वुहान समेत आठ शहरों को बंद कर दिया है। चीन में भारतीय दूतावास ने गणतंत्र दिवस से पहले गुरुवार को इस उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमें चीनी अधिकारियों एवं बीजिंग स्थित राजनयिक समुदाय के सदस्यों ने हिस्सा लिया था।

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चीन के विदेश उप मंत्री एवं भारत में चीन के राजदूत रह चुके लुओ झाओहुई ने इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। इस समारोह को संबोधित करते हुए चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिसरी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए 2020 महत्वपूर्ण साल है क्योंकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना यह 70 वां साल है। उन्होंने कहा कि यह ध्यान देने योग्य है कि चीनी जन गणराज्य (पीआरसी) को मान्यता देने वाले गैर-समाजवादी देशों में भारत सबसे पहला मुल्क था । हमारी (70 साल की) यात्रा की समीक्षा करने और एक साथ नये लक्ष्य स्थापित करने के लिए यह यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।

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मिसरी ने कहा कि पधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच दूसरा अनौपचारिक सम्मेलन पिछले साल चेन्नई में हुआ था जो बहुत सफल रहा था। उन्होंने कहा कि इसने राजनीतिक, सैन्य, आर्थिक और व्यापारिक, सांस्कृतिक तथा लोगों से लोगों के बीच भारत-चीन संबंधों के विकास के लिए नई गति प्रदान की। दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरा होने के अवसर पर 70 कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

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