Israel Election: Benjamin Netanyahu के राजनीतिक भविष्य की परीक्षा, मतदान केंद्रों पर नजर रख रहे स्वयंसेवी

Israel Election: Benjamin Netanyahu के राजनीतिक भविष्य की परीक्षा, मतदान केंद्रों पर नजर रख रहे स्वयंसेवी
प्रतिरूप फोटो
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इजराइल में नई सरकार चुनने के लिए मतदान शुरू होने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए देशभर में हजारों स्वयंसेवी तैनात किए गए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। विपक्षी दलों ने सुरक्षा चूक और न्यायिक बदलावों के मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेर रखा है।

इजराइल में मंगलवार को मतदान केंद्रों के खुलने के साथ ही हजारों स्वयंसेवी चुनाव पर्यवेक्षक देशभर के मतदान केंद्रों पर तैनात हो गए, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। इयाल शेर ने कहा कि उन्होंने इस साल ‘इलेक्शंस गार्ड्स’ नामक नागरिक समाज समूह के साथ स्वयंसेवक के तौर पर काम करने का फैसला किया, क्योंकि वह इतने महत्वपूर्ण चुनाव में अपनी भूमिका निभाना चाहते थे। शेर ने कहा, “हमारे पास एक भ्रष्ट सरकार है, जो सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी करेगी।

हर वोट मायने रखता है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि प्रक्रियाओं का पालन हो।” नेतन्याहू करीब दो दशक से इजराइल की राजनीति में सर्वाधिक प्रभावशाली नेता रहे हैं। चुनाव में खराब प्रदर्शन उनके लंबे राजनीतिक करियर का कड़वाहट भरा अंत कर सकता है और इजराइली राजनीति में एक नए दौर का रास्ता खोल सकता है। वहीं, जीत से उनकी छवि ऐसे नेता के रूप में और मजबूत होगी, जो राजनीतिक चुनौतियों से उबरकर सत्ता में बने रहने में माहिर है।

नेतन्याहू धार्मिक और राष्ट्रवादी दलों के साथ गठबंधन बनाने में कुशल रहे हैं। हालांकि, जनमत सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि इस बार उनके गठबंधन और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है। आइजेनकोट के नेतृत्व वाला गठबंधन मानता है कि सात अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद के घटनाक्रम और युद्ध के मैदान में मिली सफलताओं को कूटनीतिक उपलब्धियों में बदलने में विफल रहने के लिए नेतन्याहू को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

इजराइल के इतिहास का सबसे घातक दिन रहा सात अक्टूबर का हमला चुनाव प्रचार में प्रमुख मुद्दा बना रहा। हालांकि, गाजा में युद्ध के दौरान इजराइल की कार्रवाई को लेकर लगभग कोई बहस नहीं हुई है। गाजा में इजराइली सैन्य अभियान के चलते नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से और सीरिया के कुछ क्षेत्रों पर इजराइल के कब्जे के साथ-साथ ईरान के खिलाफ शुरू किए गए उसके दो युद्धों को भी इजराइली जनता के व्यापक समर्थन की बात कही जा रही है। विरोधी दलों के उम्मीदवारों ने सात अक्टूबर को सुरक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने में नेतन्याहू की भूमिका, अति-रूढ़िवादी यहूदियों को सैन्य सेवा से छूट देने के उनके प्रयासों और वर्ष 2023 में किए गए न्यायिक बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया है। न्यायिक बदलावों की आलोचना करने वालों का कहना है कि ये इजराइल की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला था।

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