कोकीन का नशा और 30 मिनट तक...UAE के शाही खानदान की बहू लंदन की सड़कों पर क्या करती पाई गईं?

यूएई के शाही परिवार से जुड़ी 32 वर्षीय महरा अल नाहयान लंदन की सड़क पर नशे की हालत में बेहोश पाई गईं। अदालत में उन्होंने कोकीन के सेवन और बच्चे की अनदेखी का जुर्म स्वीकार किया। इसके बाद कोर्ट ने उन पर जुर्माना लगाते हुए दो साल का कम्युनिटी ऑर्डर देकर नशा मुक्ति केंद्र भेज दिया।
एक ऐसी तस्वीर जो तस्वीर बहुत खास है और बहुत चौंकाने वाली क्योंकि यह संयुक्त अरब अमीरात के राजघराने से जुड़ी है। इस घराने की बहू कुछ दिन पहले लंदन की सड़कों पर बेहोश पाएगी। लेकिन आखिर क्यों? इस सवाल का जवाब अब जाकर के सामने आया। दरअसल इस महिला को कोर्ट में पेश किया गया। जहां सुनवाई के दौरान ऐसे राज खुले जिनको जानकर के दुनिया हैरान रह गई। लंदन की सड़कों पर बेहोशी की हालत में यूएई की प्रिंसेस तस्वीरें जून की ही है। लेकिन इसे लेकर सुर्खियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही। महिला 32 साल की मेहरा अल नायान जिनकी अबू धाबी में राज करने वाले शाही परिवार में शादी हुई है। लेकिन यह तस्वीर में इस शाही बहू की दर्द भरी जिंदगी की दास्तान कुछ यूं बयां होती है। दरअसल 13 जून को वेस्ट लंदन में अलनायान को एक रेलिंग के सहारे गिरा हुआ पाया गया। उनके साथ एक आदमी भी बेहोश हालत में था। अलहयान करीब 30 मिनट तक बेहोश रही। क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस को मिली फुटेज में वो एक प्रॉपर्टी के बाहर फुटपाथ पर बैठी दिखी और उनका सिर रेलिंग से टिका हुआ था। इसके बाद ब्रिटिश अथॉरिटीज ने उन्हें हिरासत में लिया और नशे की हालत में बच्चे की अनदेखी के आरोपों के साथ कोर्ट में पेश किया।
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महरा अल नाहयान ने कोर्ट में माना कि उन्होंने कोकेन ली थी। नाहयान ने बच्चे की देखभाल ना करने के आरोप में अपना जुर्म कबूल कर लिया। कोर्ट ने उन्हें 2 साल का कम्युनिटी आर्डर दिया। इसमें रिहबिलिटेशन के साथ 6114 पाउंड का जुर्माना चुकाने का आदेश दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद नायान को वोकिंग नाम के प्रायरी क्लीनिक ले जाया गया। जहां नशे की लत का इलाज होता है। 32 साल की महरा अलनायान शादी के जरिए अबू धाबी के रूलिंग अल नायान परिवार से जुड़ी हैं। यह परिवार यूनाइटेड अरब अमीरात यानी यूएई के साथ अमीरात में सबसे बड़े अबू धाबी पर राज करता है। अबू धाबी देश की पॉलिटिकल पावर की कैपिटल भी है और इसके रूरल शेख मोहम्मद बिन जायद अल नायान यूएई के प्रेसिडेंट हैं।
कोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ?
कोर्ट को बताया गया कि बेहोश पाए जाने से कुछ दिन पहले अल नाहयान ने कोकीन ली थी। हालांकि, उनके बचाव पक्ष के वकील, स्टीफन वुलो केसी ने कोर्ट को बताया कि घटना वाले दिन उन्होंने कोई नशा नहीं किया था, बल्कि उससे पहले के दिनों में नशा करने की वजह से वह बहुत थक गई थीं। वुलो ने कहा कि उन्होंने काफी पछतावा जताया है और अपनी लत से बाहर निकलने का पक्का इरादा दिखाया है। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि अल नाहयान अक्टूबर के आखिर तक तीन महीने का इलाज पूरा करने का इरादा रखती हैं। वुलो ने कहा फिलहाल उनका इरादा तीन महीने के इलाज के सभी चरणों को पूरा करने का है, जो इसी महीने के आखिर में खत्म हो जाएगा। इलाज पूरा होने के बाद की योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा इसके बाद उनकी योजना गिल्डफोर्ड इलाके में एक जगह किराए पर लेने और वहां 'डे पेशेंट' (दिन में इलाज के लिए जाने वाली मरीज) के तौर पर रहने की है, जहां वह 'नारकोटिक्स एनोनिमस' (नशा छोड़ने के लिए एक सपोर्ट ग्रुप) में शामिल होंगी। घटना के बाद से ही अल नाहयान सरे के वोकिंग में स्थित प्रायरी क्लिनिक में ड्रग की लत का इलाज करा रही हैं। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद ही वह इस क्लिनिक में भर्ती हो गई थीं। वुलो ने घटना की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा, "उस दिन उन्होंने एक बहुत बड़ी गलती की थी, और उन्हें इस बात का एहसास है।
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शाही परिवार की सदस्य को क्या सजा सुनाई गई?
जज जेरेमी जॉनसन KC ने दो साल का 'कम्युनिटी ऑर्डर' (सामुदायिक आदेश) सुनाया, जिसमें सुधार कार्यक्रम (रिहैबिलिटेशन) में शामिल होना अनिवार्य है। साथ ही, उन्होंने अल नाहयान को जुर्माने और अन्य खर्चों के तौर पर 6,114 पाउंड का भुगतान करने का आदेश दिया। जज ने उन खतरों का जिक्र किया जिनका सामना बच्चे को तब करना पड़ा, जब बड़े लोग बेहोश थे। 'द स्टैंडर्ड' के अनुसार, उन्होंने कहा, "अगर अनजान लोगों ने बीच-बचाव न किया होता, तो बच्चे को गंभीर चोट लग सकती थी या इससे भी बुरा कुछ हो सकता था। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चा कहीं दूर जा सकता था, खो सकता था, या किसी अनजान व्यक्ति द्वारा उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ों को बेहोश देखकर बच्चा घबरा भी सकता था। जज ने कहा कि नशे की हालत में एक छोटे बच्चे को सड़क पर नंगे पैर खेलने के लिए छोड़ देना, "लापरवाही और (बच्चे की) सुरक्षा के प्रति बेपरवाही" को दर्शाता है। सजा के तहत, अल नाहयान को अपने कम्युनिटी ऑर्डर के हिस्से के रूप में पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) से गुजरना होगा। उनके बचाव पक्ष ने कहा है कि शुरुआती कार्यक्रम पूरा होने के बाद भी वह अपना इलाज जारी रखेंगी और सपोर्ट मीटिंग्स में शामिल होती रहेंगी।
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