अमेरिका से दुश्मनी बर्दाश्त नहीं कर सकता पाकिस्तान : शरीफ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 28, 2022   08:11
अमेरिका से दुश्मनी बर्दाश्त नहीं कर सकता पाकिस्तान : शरीफ
Google Creative Commons.

शरीफ ने खेद जताया कि इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी नीत पिछली सरकार ने उन सभी देशों को नाराज कर दिया था जिन्होंने मुश्किल वक्त में हमेशा पाकिस्तान की मदद की थी।

इस्लामाबाद|  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ दुश्मनी बिल्कुल भी नहीं रख सकता।’’ इसके साथ ही उन्होंने संकल्प लिया कि इमरान खान की पिछली सरकार की दोषपूर्ण विदेश नीतियों के कारण देश से दूर हो गए सभी सहयोगियों तथा दोस्तों के साथ संबंध सुधारने पर जोर दिया जाएगा।

शरीफ ने खेद जताया कि इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी नीत पिछली सरकार ने उन सभी देशों को नाराज कर दिया था जिन्होंने मुश्किल वक्त में हमेशा पाकिस्तान की मदद की थी।

उन्होंने इस क्रम में चीन, सऊदी अरब, कतर और अमेरिका का जिक्र किया। डॉन समाचार पत्र की एक खबर के अनुसार शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच अविश्वास को दूर करने की जरूरत है और दोनों देशों को यह देखने की जरूरत है कि क्या उन्होंने अतीत में कोई गलती की है।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शरीफ ने प्रधानमंत्री आवास में मंगलवार को एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, पाकिस्तान अमेरिका के साथ दुश्मनी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकता। खबर के अनुसार शरीफ ने पत्रकारों से करीब एक घंटे तक बातचीत की और इस दौरान उन्होंने लगभग सभी मुद्दों को छुआ लेकिन उनका मुख्य जोर देश की विदेश नीति पर रहा।

उन्होंने सऊदी अरब की अपनी आगामी यात्रा के बारे में भी चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने मंगलवार को कराची में चीनी नागरिकों पर आत्मघाती हमले को लेकर भी अपनी चिंता जतायी।

इमरान खान सरकार की विदेश नीति की तीखी आलोचना करते हुए शरीफ ने अपनी सरकार की अफगानिस्तान नीति का जिक्र कहा और कहा, जो बात अफगानिस्तान के लिए अच्छी है, वह पाकिस्तान के लिए भी अच्छी है और जो पाकिस्तान के लिए अच्छी है, वह अफगानिस्तान के लिए भी अच्छी है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।