Saudi Arabia में त्वरित सैन्य तैनाती को Pakistan और तुर्किये ने दी मंजूरी

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रियाद में आयोजित मक्का रक्षा गठबंधन की आपात बैठक में तीनों देशों ने त्रिपक्षीय रक्षा समझौते को अमल में लाने का फैसला किया है। इसके तहत किसी एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए सैन्य क्षमताएं तेजी से तैनात की जाएंगी। सेवानिवृत्त जनरल नौमान महमूद को इस गठबंधन का पहला महासचिव बनाया गया है।

(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, छह अक्टूबर पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने त्रिपक्षीय रक्षा समझौते को लागू करने तथा हूती विद्रोहियों के हमलों के मद्देनजर खाड़ी देश सऊदी अरब में ‘‘सैन्य बलों और क्षमताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उन्हें तेजी से तैनात करने’’ पर सहमति जताई है। एक संयुक्त बयान के अनुसार, तीनों देशों ने क्षेत्रीय घटनाक्रम और सऊदी अरब के सामने मौजूद खतरों पर चर्चा के लिए सोमवार को रियाद में मक्का रक्षा गठबंधन की रणनीतिक, राजनीतिक और रक्षा समिति (एसपीडीसी) की आपात बैठक बुलाई थी। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने अगस्त में जिस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, उसमें सामूहिक प्रतिरोध के लिए एक ढांचा तैयार किया गया है।

समझौते के तहत तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला, सभी देशों पर हमला माना जाएगा। एसपीडीसी ने सोमवार को बैठक से पहले हुई राजनीतिक और सैन्य सलाह-मशविरे की प्रक्रिया के नतीजों की समीक्षा की और उसके समक्ष रखी गई सिफारिशों को मंजूरी दी। समिति ने कहा कि मक्का समझौता सामूहिक रक्षा और खतरों से निपटने के लिए एकजुट रुख अपनाने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

समिति ने ‘‘सामूहिक रक्षा संबंधी प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक रूप से तत्काल लागू करने तथा सहमतति के अनुसार सैन्य बलों और क्षमताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उन्हें सऊदी अरब में तेजी से तैनात करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का फैसला किया।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘तीनों देशों ने पुष्टि की कि प्रत्येक देश की सुरक्षा तीनों देशों की सामूहिक सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है।’’ बयान में सैनिकों की तैनाती का कोई विवरण या समय-सारिणी नहीं दी गई है। बयान में हूती विद्रोहियों को खतरे के रूप में विशेष रूप से नामित भी नहीं किया गया है, लेकिन यह घटनाक्रम सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों की पृष्ठभूमि में हुआ है। पाकिस्तान की ओर से उपप्रधानमंत्री इसहाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर बैठक में शामिल हुए।

ख्वाजा आसिफ ने ‘जियो न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि पाकिस्तान और तुर्किये की ‘‘युद्ध क्षेत्र में मौजूदगी’’ है, लेकिन फिलहाल केवल सऊदी सैनिक ही लड़ाकू अभियानों में शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें जिस भी सहायता की जरूरत है, वह मुहैया कराई जा रही है। लेकिन अभी तुर्किये और पाकिस्तानी सेनाएं सहयोगी भूमिका निभा रही हैं।’’ उन्होंने बताया कि पाकिस्तान टोही अभियानों में शामिल है।

बयान के अनुसार, तीनों देशों ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने की कोशिश के साथ-साथ सऊदी अरब के शहरों और असैन्य एवं आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए जा रहे लगातार हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान और तुर्किये ने सऊदी अरब के सामने मौजूद खतरों और हमलों का मुकाबला करने में सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता और तत्परता की सराहना की। गठबंधन के संस्थागत विकास के तहत समिति ने पाकिस्तान के सेवानिवृत्त जनरल नौमान महमूद को तीन साल के कार्यकाल के लिए पहला महासचिव नियुक्त करने का फैसला किया।

एसपीडीसी की बैठक उस समय हुई जब यमन की सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों को फिर से हासिल करने के लिए रविवार को बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। एसपीडीसी मक्का समझौते का एक प्रमुख अंग है और इसमें तीनों सदस्य देशों के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री तथा सेना प्रमुख शामिल हैं। पिछले महीने तीनों देशों के रक्षा बलों के प्रमुखों और जनरल स्टाफ के प्रमुखों ने रियाद में बैठक की थी और सऊदी अरब की सुरक्षा स्थिति तथा उसके सामने मौजूद खतरों की समीक्षा की थी।

इसके अलावा, तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर मुलाकात की थी और सऊदी अरब के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की थी।

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