Iran संकट: Gulf में ऊर्जा ठिकानों की रक्षा में जुटी US सेना, Patriot का स्टॉक 1000 से कम

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अभिनय आकाश । Oct 3 2026 5:53PM

ईरान से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब और कतर में दो अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरियां तैनात की हैं। इसका मुख्य उद्देश्य संभावित ईरानी हमलों से खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख तेल और प्राकृतिक गैस ठिकानों की सुरक्षा करना है। इसके साथ ही अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी समग्र सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है।

अमेरिका और ईरान के बीच बड़े पैमाने पर सैन्य टकराव की आशंका को देखते हुए, अमेरिकी सेना ने सऊदी अरब और कतर में दो अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरी तैनात की हैं। इनका मकसद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़े अहम ठिकानों की सुरक्षा को मजबूत करना है। 'एक्सियोस' (Axios) की एक रिपोर्ट के अनुसार - जिसमें दो अमेरिकी अधिकारियों और क्षेत्र की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति का हवाला दिया गया है - यह तैनाती सऊदी और कतरी अधिकारियों की चिंताओं के बाद की गई है। उन्हें डर है कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े हमले फिर से शुरू करता है, तो तेहरान उनके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना सकता है। 'एक्सियोस' ने बताया कि एक पैट्रियट यूनिट को सऊदी अरब में एक बड़े तेल ठिकाने की सुरक्षा के लिए भेजा गया, जबकि दूसरी यूनिट को कतर में गैस की एक मुख्य सुविधा की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया। यह कदम खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा नेटवर्क के सामने मौजूद खतरों को उजागर करता है, खासकर तब जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध फिर से तेज हो जाए। 

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अगस्त में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमले की योजना बनाई थी, तब सऊदी अरब और कतर के प्रमुखों ने कथित तौर पर उनसे इस रणनीति के खिलाफ अपील की थी। उन्हें डर था कि ईरान जवाबी कार्रवाई में उनके पेट्रोलियम और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है, जैसा कि 'एक्सियोस' ने बताया है। इस क्षेत्र में पेट्रोलियम या गैस साइटों पर किसी भी बड़े हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के अस्थिर होने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दबाव बढ़ने का खतरा है, खासकर तब जब तनाव के कारण समुद्री रास्तों से होने वाले व्यापार में बाधा आए। पैट्रियट की अतिरिक्त तैनाती ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी एयर डिफेंस स्टॉकपाइल (हथियारों के भंडार) पर मांग बढ़ रही है। ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद से ही पैट्रियट बैटरी, और खासकर उनकी इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है। 

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'सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़' के एक आकलन से पता चला है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान भारी इस्तेमाल के कारण US के पैट्रियट इंटरसेप्टर का स्टॉक 1,000 यूनिट से भी कम हो गया है। इस बीच, पेंटागन मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और उस इलाके में अतिरिक्त नौसैनिक जहाज, लड़ाकू जेट और सैनिक भेज रहा है। हजारों US मरीन को ले जा रहा 'मेकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडी ग्रुप' भी इसी तरह उस इलाके में पहुँच गया है, जिससे मध्य पूर्व में वाशिंगटन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी और मजबूत हुई है। पैट्रियट एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम एक ज़मीन-आधारित सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी और सहयोगी सेनाएँ सैनिकों और ज़रूरी ठिकानों को हवा से होने वाले खतरों से बचाने के लिए करती हैं। US सेना का कहना है कि पैट्रियट विमानों, क्रूज़ मिसाइलों और टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला कर सकता है; इसकी ऑपरेशनल बैटरी एक रडार नेटवर्क, एक एंगेजमेंट कंट्रोल स्टेशन और मिसाइल लॉन्चर पर आधारित होती है। एडवांस्ड PAC-3 मिसाइल सेगमेंट एन्हांसमेंट (MSE) इंटरसेप्टर 'हिट-टू-किल' तकनीक का इस्तेमाल करता है, जो सीधे टकराकर आने वाले टारगेट को नष्ट कर देता है। इसमें डुअल-पल्स सॉलिड प्रोपेलेंट रॉकेट मोटर का इस्तेमाल होता है, जो पिछले PAC-3 वर्शन की तुलना में ज़्यादा रेंज, ज़्यादा ऊँचाई तक पहुँचने की क्षमता और बेहतर फुर्ती देता है।

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