S Jaishankar ने Cote d'Ivoire में रक्षा और आतंकवाद रोधी साझेदारी पर की उच्चस्तरीय वार्ता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तीन अफ्रीकी देशों के दौरे के तहत अबिदजान में कोट डी आइवर के रक्षा नेतृत्व के साथ वार्ता की। दोनों देशों ने आपसी विश्वास और संस्थागत आदान-प्रदान के जरिए रक्षा तथा आतंकवाद से निपटने के उपायों को मजबूत करने पर बल दिया। इसके अलावा व्यापार, बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
अबिदजान (कोट डी आइवर), आठ अक्टूबर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की कोट डी आइवर की यात्रा के दौरान भारत और इस पश्चिमी अफ्रीकी देश ने प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सहित रक्षा तथा आतंकवाद रोधी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर बुधवार को घाना से कोट डी आइवर पहुंचे। यह तीन अफ्रीकी देशों की उनकी यात्रा का दूसरा चरण है।
इसके बाद वह इथियोपिया जाएंगे। विदेश मंत्री ने अबिदजान में कोट डी आइवर के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री तेने बिराहिमा ओत्तारा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी पर चर्चा की। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हमने आपसी विश्वास, क्षमता निर्माण और साझा हितों पर आधारित अपनी बढ़ती रक्षा साझेदारी पर चर्चा की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संस्थागत स्तर पर बढ़े हुए आदान-प्रदान के जरिए रक्षा और आतंकवाद रोधी क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के अवसरों पर विचार साझा किए।’’ ओत्तारा ने कहा कि जयशंकर के साथ उनकी बातचीत ‘‘कोट डी आइवर और भारत के बीच सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही।’’ ओत्तारा ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘यह बैठक शांति, सुरक्षा और विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।’’ इससे पहले जयशंकर ने कोट डी आइवर की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के मुद्दे पर बातचीत की।
इस दौरान व्यापार, बुनियादी ढांचे, कृषि और स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान दिया गया। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने काबा के साथ भारत-कोट डी आइवर साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर ‘‘व्यापक चर्चा’’ की, जिसमें ‘‘व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और लोगों के बीच परस्पर संबंध’’ शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को केंद्र में रखकर किया जाने वाला हमारा सहयोग कोट डी आइवर की प्राथमिकताओं से संचालित होगा।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर अपने जुड़ाव को और गहरा करने पर भी चर्चा की।
जयशंकर इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों (एचओएम) के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे। इसमें क्षेत्र में तैनात भारतीय दूतों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे पहले घाना में जयशंकर ने दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी को औषधि, स्वास्थ्य, खनन, रक्षा, रेलवे और डिजिटल क्षेत्रों समेत नए क्षेत्रों तक विस्तार देने के मुद्दे पर चर्चा की थी।
विदेश मंत्रालय ने अफ्रीकी देशों की जयशंकर की यात्रा से पहले कहा था कि विदेश मंत्री की यात्रा अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्रालय के मुताबिक, यह यात्रा ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ नयी दिल्ली की एकजुटता को और मजबूत करेगी। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।
अन्य न्यूज़














