Asia Society में बोले S Jaishankar, US-Pakistan संबंधों और आतंकवाद पर स्पष्ट की भारत की नीति

Jaishankar
ANI
अभिनय आकाश । Sep 29 2026 6:14PM

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि सहयोगियों के साथ भारत के रिश्ते इस बात पर निर्भर हैं कि वे सीमा-पार आतंकवाद को कैसे देखते हैं। अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद भारत के लिए बेहद अहम मुद्दा है। यदि कोई सहयोगी देश भारत की इस मुख्य चिंता को नहीं समझता, तो इसका असर उनके रिश्तों पर पड़ेगा।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक स्पष्ट लक्ष्मण रेखा खींची। उन्होंने कहा कि अपने सहयोगियों के साथ नई दिल्ली के द्विपक्षीय संबंध इस बात पर निर्भर करते हैं कि वे भारत के पड़ोसियों से पनपने वाले सीमा-पार आतंकवाद को स्वीकार करते हैं या नहीं। इस बयान को हाल ही में अमेरिका-पाकिस्तान के संबंधों में आई मजबूती और नई दिल्ली-वॉशिंगटन के रिश्तों के संदर्भ में एक अप्रत्यक्ष टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है। जयशंकर ने मंगलवार को यह बात कही। वे 'एशिया सोसाइटी' द्वारा आयोजित एक विशेष बातचीत कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी समुदाय और प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्यों तथा नीति विशेषज्ञों को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम सोमवार को UN जनरल असेंबली के 81वें सत्र के 'हाई-लेवल वीक' के समापन के बाद आयोजित किया गया था। इस चर्चा का संचालन पूर्व अमेरिकी राजनयिक और 'एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट' के डिस्टिंग्विश्ड फेलो डैनियल रसेल ने किया।

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भारत-अमेरिका संबंधों और टैरिफ़ के मुद्दे पर जयशंकर


जयशंकर से भारत-अमेरिका संबंधों की स्थिति के बारे में पूछा गया, खासकर पिछले एक साल में व्यापार और टैरिफ़ से जुड़े घटनाक्रमों के संदर्भ में और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर रास्ते पर लाने के लिए क्या ज़रूरी होगा। जयशंकर ने कहा मुझे लगता है कि अगर मैं पीछे हटकर संबंधों को देखूँ, तो मैं पाता हूँ कि दुनिया के ज़्यादातर देशों के अमेरिका के साथ संबंध मुश्किल रहे हैं। मेरा मतलब है कि यह कोई सांत्वना की बात नहीं हो सकती, लेकिन यह एक सच्चाई है।

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भारत के लिए आतंकवाद का मुद्दा बहुत अहम है


इसके बाद जयशंकर ने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में हालिया सुधार का ज़िक्र किया, खासकर जनवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से। उन्होंने कहा कि हर देश की संवेदनशीलता में अंतर उन मुद्दों में से एक है जो द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करते हैं। जयशंकर ने पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए कहा भारत के लिए आतंकवाद का मुद्दा बहुत अहम है। हमें लगता है कि शायद ही कोई ऐसा देश हो जिसे किसी पड़ोसी देश की सोची-समझी और जानबूझकर अपनाई गई नीति के तहत इतने दशकों तक उस तरह के आतंकवाद का सामना करना पड़ा हो, जैसा हमने किया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत की चिंताओं को समझा या सराहा नहीं जाता है, तो इसका असर अमेरिका के साथ उसके रिश्तों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा अगर कोई ऐसी बात जो हमारे लिए बहुत मायने रखती है, उसे लेकर पर्याप्त समझ, सराहना या सहानुभूति नहीं है, तो मुझे लगता है कि इससे भी समस्या पैदा होती है। अगर मेरा साथी मेरी किसी मुख्य चिंता को पूरी तरह से नहीं समझता है, तो ज़ाहिर है कि इसका असर रिश्तों पर पड़ता है।

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