इजराइली सेना के हमलों में Gaza Strip का राफा शहर पूरी तरह तबाह, सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आई बर्बादी

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सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि इजराइली सेना ने गाजा के दक्षिणी शहर राफा समेत कई इलाकों को सुनियोजित तरीके से मलबे में तब्दील कर दिया है। करीब ढाई लाख की आबादी वाला यह शहर अब लगभग मिट चुका है और गाजा की 20 लाख आबादी बेघर होकर तंबुओं में रहने को मजबूर है। निर्माण सामग्री पर रोक के चलते लोग अपने उजड़े घर दोबारा नहीं बना पा रहे हैं।

दीर अल-बला (गाजा पट्टी), सात अक्टूबर (एपी) इजराइल के संभवतः तीन वर्षों के सैन्य अभियान से गाजा पट्टी को लगी सबसे गंभीर चोटों में से एक राफा शहर का पूरी तरह तबाह होना है। कभी करीब ढाई लाख लोगों का घर रहा यह शहर अब लगभग पूरी तरह मिट चुका है। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों से पता चलता है कि इजराइली सेना ने दक्षिणी शहर और अन्य कस्बों तथा इलाकों को व्यवस्थित तरीके से जमींदोज कर दिया है और कुछ स्थानों पर मलबे को भी हटा दिया गया है।

बुलडोजरों और विस्फोटकों के इस्तेमाल से की जा रही यह तोड़फोड़ एक साल पहले हुए इजराइल-हमास संघर्षविराम समझौते के बाद भी लगातार जारी है। इस दौरान सेना उस क्षेत्र के 60 प्रतिशत से कुछ अधिक हिस्से पर अपना नियंत्रण मजबूत कर रही है, जिस पर उसका अब भी नियंत्रण है। गाजा में बर्बादी का मंजर उन अनेक त्रासदियों में से एक है, जिनका सामना 20 लाख फलस्तीनियों को करना पड़ा है।

ये त्रासदियां तब शुरू हुईं जब हमास के लड़ाकों ने सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल पर हमला किया और उसके बाद इजराइल ने हमास को नष्ट करने के लिए सैन्य अभियान शुरू किया। गाजा में लगभग हर परिवार या तो किसी अपने की मौत का शोक मना रहा है या घायलों की देखभाल कर रहा है। अधिकांश लोगों को लड़ाई और इजराइली सेना के निकासी आदेशों से बचने के लिए कई बार अपना स्थान बदलना पड़ा है।

लगभग पूरी आबादी के बेघर होने के कारण तटीय क्षेत्र अब प्रभावी रूप से दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले तंबू-शिविरों में तब्दील हो गया है। समुद्र तटों, पूर्व कृषि भूमि और खाली भूखंडों पर मोटे कपड़े तथा नायलॉन के तंबू और अस्थायी आश्रय फैले हुए हैं। निकट भविष्य में स्थिति में बहुत बदलाव होने की संभावना नहीं है।

संघर्षविराम समझौते से सैन्य अभियान और भारी बमबारी तो रुक गई, लेकिन इजराइल लगभग रोजाना तंबुओं, कारों और इमारतों पर हमले करता है। उसका कहना है कि इन हमलों में हमास के सदस्यों को निशाना बनाया जाता है, लेकिन इनमें अक्सर महिलाएं, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी मारे जाते हैं। लोगों को अब बार-बार एक जगह से दूसरी जगह भागना नहीं पड़ रहा है, लेकिन बहुत कम लोग अपने घर दोबारा बना पा रहे हैं, क्योंकि इजराइल गाजा में अधिकांश निर्माण सामग्री के प्रवेश पर रोक लगाए हुए है।

फलस्तीनी लोग त्रासदी से जूझ रहे हैं। नजवा अबू एइता ने सितंबर 2024 में अपनी सात वर्षीय बेटी को खो दिया, जब इजराइली बलों ने मध्य गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर में उनके घर पर हमला किया। हमले में उनके तीन अन्य बच्चे घायल हो गए।

अबू एइता की एक आंख चली गई और उनका चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि उनका चार साल का बेटा उनसे कहता है, ‘‘मां, मैं तुम्हें अपनी एक आंख दे दूंगा।’’ लेकिन यह सुनकर वह अंदर ही अंदर रोती हैं।

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