Singapore State Courts की 18 हजार फाइलें खतरे में डालने पर भारतीय IT पेशेवर को 28 हफ्ते की जेल

सिंगापुर की अदालत ने भारतीय आईटी सेवा प्रदाता जनार्दनन तमिल कोवन को सरकारी गोपनीयता कानून के उल्लंघन के मामले में 28 सप्ताह जेल की सजा सुनाई है। दोषी पर अदालत के नेटवर्क से जुड़ी गोपनीय जानकारी और 18,016 सरकारी फाइलों की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप सिद्ध हुआ। उसने सरकार द्वारा जारी लैपटॉप का रिमोट एक्सेस एक अपरिचित विदेशी व्यक्ति को सौंप दिया था।
(गुरदीप सिंह) सिंगापुर, 29 सितंबर सिंगापुर की एक अदालत ने सोमवार को एक भारतीय नागरिक को ‘स्टेट कोर्ट्स’ की 18,000 से अधिक फाइलों की सुरक्षा को खतरे में डालने के जुर्म में 28 सप्ताह जेल की सजा सुनाई। वह सिंगापुर में एक आईटी सेवा प्रदाता के तौर पर काम कर रहा था। स्थानीय मीडिया की खबर के अनुसार, जनार्दनन तमिल कोवन (42) ने शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत सिंगापुर सरकार और ‘स्टेट कोर्ट्स’ के दस्तावेजों की सुरक्षा को खतरे में डालने तथा सरकार द्वारा जारी लैपटॉप में अनधिकृत बदलाव करने का अपराध स्वीकार किया।
सुनवाई के दौरान उसके खिलाफ दर्ज तीसरे आरोप पर भी विचार किया गया। उसने अपने एक परिचित को लैपटॉप का ‘रिमोट एक्सेस’ (दूर बैठे सिस्टम संचालित की अनुमति) दे दिया था, हालांकि इस दौरान कोई फाइल भेजी नहीं गई थी। जून 2024 में ‘लेनोवो पीसीसीडब्ल्यू सॉल्यूशंस’ में सेवा वितरण प्रबंधक जनार्दनन को आईटी सेवा प्रदाता के रूप में सिंगापुर के ‘स्टेट कोर्ट्स’ में तैनात किया गया था।
वह स्टेट कोर्ट्स की क्लाउड प्रणाली टीम का प्रमुख था, जो अदालत की विभिन्न प्रणालियों और अनुप्रयोगों का प्रबंधन करती है। इसी दौरान जनार्दनन ने 18,016 सरकारी फाइलों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया। इन फाइलों में स्टेट कोर्ट्स के नेटवर्क से जुड़े प्रवेश नाम, कूटशब्द और अन्य विवरण शामिल थे।
जिला न्यायाधीश लोरेन हो ने कहा कि इस कृत्य से नुकसान का जोखिम काफी अधिक था, क्योंकि इससे कोई व्यापक साइबर हमला हो सकता था, जिससे आम लोगों में चिंता और भय पैदा होने की आशंका थी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी ने किसी अज्ञात विदेशी व्यक्ति को अपने लैपटॉप में मौजूद डेटा तक अनधिकृत पहुंच की अनुमति दी थी।
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