Prabhasakshi NewsRoom: सीरियाई विद्रोही Aleppo तक पहुँचे, Syria की मदद के लिए Russia तुरंत भेज रहा है मदद

Syrian rebels
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बताया जा रहा है कि सीरियाई राष्ट्रपति असद के प्रमुख सहयोगियों में से एक रूस ने विद्रोहियों को विफल करने के लिए सीरिया को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने का वादा किया है। रूस ने कहा है कि अगले 72 घंटों में सहायता मिलनी शुरू हो जायेगी।

विश्व में पहले से चल रहे संघर्षों में एक और नया संघर्ष जुड़ गया है। सीरियाई राजधानी में जिस तरह विद्रोही पूरे दल बल के साथ घुसे हैं उससे लग रहा है कि एक और युद्ध शुरू होने वाला है। सीरियाई अधिकारियों ने अलेप्पो हवाई अड्डे के साथ-साथ शहर की ओर जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया है क्योंकि राष्ट्रपति बशर अल-असद के विरोधी विद्रोहियों ने कहा है कि वे अलेप्पो के केंद्र तक पहुंच गए हैं। हम आपको बता दें कि इस्लामी आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व में विपक्षी लड़ाकों ने इस सप्ताह सरकार के कब्जे वाले कस्बों में अचानक हमला किया। देखा जाये तो असद विरोधियों की लगभग एक दशक बाद अलेप्पो तक पहुँच हुई है।

बताया जा रहा है कि असद के प्रमुख सहयोगियों में से एक रूस ने विद्रोहियों को विफल करने के लिए सीरिया को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने का वादा किया है। रूस ने कहा है कि अगले 72 घंटों में सहायता मिलनी शुरू हो जायेगी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि मॉस्को विद्रोही हमले को सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन मानता है। उन्होंने कहा, "हम सीरियाई अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में व्यवस्था लाने और यथाशीघ्र संवैधानिक व्यवस्था बहाल करने के पक्ष में हैं।"

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बताया जा रहा है कि सीरियाई सेना को शहर के उन मुख्य इलाकों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित रखने को कहा गया है जहां विद्रोही घुस आए हैं। हम आपको बता दें कि विद्रोहियों ने बुधवार को अपना आक्रमण शुरू किया और उनके कंट्रोल रूम ने कहा कि वे अलेप्पो के विभिन्न इलाकों में घुसपैठ कर चुके हैं। देखा जाये तो विद्रोही 2016 के बाद पहली बार शहर लौट रहे हैं। उस समय असद और उनके सहयोगियों- रूस, ईरान और क्षेत्रीय शिया मिलिशिया ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाया था जिसके चलते महीनों की बमबारी और घेराबंदी के बाद विद्रोही पीछे हटने पर सहमत हुए थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जैश अल-इज्जा विद्रोही ब्रिगेड के कमांडर मुस्तफा अब्दुल जाबेर ने कहा है कि इस सप्ताह उनकी तेजी से प्रगति हुई है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में ईरान के सहयोगियों को इज़राइल के हाथों कई प्रहारों का सामना करना पड़ा है क्योंकि गाजा युद्ध मध्य पूर्व तक फैल गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक विपक्षी लड़ाकों ने कहा है कि यह अभियान हाल के हफ्तों में विद्रोहियों के कब्जे वाले इदलिब में रूसी और सीरियाई वायु सेना द्वारा नागरिकों के खिलाफ बढ़ाए गए हमलों के जवाब में और सीरियाई सेना के किसी भी हमले को रोकने के लिए था। देखा जाये तो यह हमला मार्च 2020 के बाद से सबसे बड़ा हमला है, जब रूस और विद्रोही संघर्ष को कम करने के लिए एक समझौते पर सहमत हुए थे।

हालांकि सीरियाई राज्य टेलीविजन ने विद्रोहियों के शहर तक पहुंचने से इंकार करते हुए कहा है कि रूस सीरिया की सेना को हवाई सहायता प्रदान कर रहा है। सीरियाई सेना ने कहा है कि वह हमले के खिलाफ लड़ रही है और उसने अलेप्पो और इदलिब के ग्रामीण इलाकों में विद्रोहियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के उप क्षेत्रीय मानवीय समन्वयक डेविड कार्डन ने कहा है कि हम उत्तर पश्चिम सीरिया में सामने आ रही स्थिति से बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा है कि पिछले तीन दिनों में लगातार हुए हमलों में कम से कम 27 नागरिकों की जान चली गई है, जिनमें 8 साल के बच्चे भी शामिल हैं।

इस बीच, सीरियाई राज्य समाचार एजेंसी SANA ने कहा है कि अलेप्पो में विश्वविद्यालय के छात्रावासों पर विद्रोहियों की गोलाबारी में दो छात्रों सहित चार नागरिकों की मौत हो गई। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वे संयुक्त राष्ट्र अधिकारी द्वारा बताए गए 27 मृतकों में से थे।

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