युद्ध पर लंबी-चौड़ी फेंक रहे थे ट्रंप, UN में ईरान ने कर दिया बेइज्जत

Trump
ANI
अभिनय आकाश । Sep 23 2026 3:56PM

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनके सामने डील करने या कार्रवाई बढ़ाने का विकल्प है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वॉकआउट के बावजूद दोनों पक्षों में मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी रही। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान से समझौता हो सकता है।

एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जारी है। दोनों तरफ से जोरदार हमले हो रहे हैं तो दूसरी ओर जंग अब उस मोड़ पर दिखाई दे रही है जहां अगला कदम सिर्फ मैदान जंग नहीं बल्कि कूटनीति के मेज पर भी तय होगा। एक तरफ ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य दबाव और हमलों का सिलसिला जारी है। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान को लेकर एक बार फिर बेहद सख्त संदेश दिया है। ट्रंप ने कहा कि उनके सामने अब एक बड़ा फैसला है कि ईरान के साथ डील की जाए या फिर उसके खिलाफ कारवाई को और आगे बढ़ाया जाए। ट्रंप के इसी भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधि मंडल ने यूएनजीए हॉल से वॉकआउ कर दिया। ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को अमेरिका के लिए गंभीर खतरा बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तेहरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका तब तक दबाव जारी रखेगा जब तक ईरान परमाणु हथियारों से जुड़ी चिंताओं का समाधान नहीं करता। वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं करता और उन गतिविधियों से पीछे नहीं हटता जिन्हें अमेरिका आतंकवाद के समर्थन के रूप में देखता है। 

इसे भी पढ़ें: Russia-China Counter: ग्रीनलैंड में मिलिट्री बेस बनाएगा अमेरिका, हो गई बड़ी डील!


ट्रंप ने यह भी दोहराया कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिकी सैन्य अभियानों का भी बचाव किया। उन्होंने दावा किया अमेरिकी अभियानों ने ईरान की परमाणु और सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इन अभियानों और उनके प्रभावों को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि मुझे एक बड़ा फैसला लेना है। जब डील हो जाएगी तो क्या हम पहले से कहीं बेहतर देश बनाएंगे? शायद मध्यपूर्व या दुनिया के सबसे महान देशों में से एक या मैं खत्म कर दूं और क्या मैं उन्हें जल्दी खत्म कर दूं ताकि उन्हें लोगों और देशों को मारने और बर्बाद करने का मौका मिले ही ना। ट्रंप ने कहा कि क्या मैं उन्हें ऐसी जगह धकेल दूं जहां बचने का कोई मौका ना हो और भविष्य में महानता और इज्जत की कोई उम्मीद ना रहे। ट्रंप का यह बयान उनकी उस बात के कुछ दिन बाद आया है जिनमें ट्रंप ने एग्जिओस को बताया था कि ईरान युद्ध में वे ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां बड़े हमले फिर से शुरू करने हैं या नहीं यह तय करना पड़ेगा।

इसे भी पढ़ें: ट्रंप के 'फेल्ड स्टेट' बताने पर भड़का क्यूबा, UNGA से डिप्लोमैट्स का वॉकआउट

यूएन मंच पर उन्होंने इसी मुद्दे को और ज्यादा खोल कर रख दिया और दुनिया को संकेत भी दिया कि आने वाले समय में क्या-क्या हो सकता है। संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने के बाद अमेरिका ईरान के साथ समझौता कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक मुझे ऐसा लगता है कि हम चुनाव के ठीक बाद डील कर लेंगे क्योंकि उनके लिए ऐसा ना करना समझदारी नहीं है। वे यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि मैं मिड टर्म चुनाव में कैसा प्रदर्शन करता हूं। इस दौरान उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान फिलहाल इंतजार की नीति पर है और अमेरिकी घरेलू राजनीति का नतीजा देखना चाहता है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वॉकआउट के बावजूद कूटनीतिक संपर्क जारी रहा। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए कई घंटों तक बातचीत हुई खबरें ऐसी सामने आ रही हैं। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़