US EB-5 Visa: अमेरिका ने बढ़ाई निवेशक Green Card की फीस, 30 नवंबर से लागू होंगे नए नियम

अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा ने ईबी-5 निवेशक वीजा कार्यक्रम के आवेदन शुल्क में भारी वृद्धि करने की घोषणा की है। एजेंसी के अनुसार यह नियम 30 नवंबर से प्रभावी होगा, जिससे भारतीय उद्यमियों और अन्य विदेशी निवेशकों पर सीधा असर पड़ेगा। व्यक्तिगत और रीजनल सेंटर के जरिए आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए फॉर्म की फीस दोगुनी से अधिक कर दी गई है।
(सागर कुलकर्णी) वॉशिंगटन, 30 सितंबर अमेरिका ने देश में निवेश करने और आगे चलकर स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) हासिल करने की इच्छा रखने वाले प्रवासियों के लिए ईबी-5 निवेशक कार्यक्रम की फीस में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। ईबी-5 निवेशक कार्यक्रम भारतीय उद्यमियों और उनके परिवारों के लिए ग्रीन कार्ड हासिल करने के भरोसेमंद रास्तों में से एक माना जाता है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने मंगलवार को एक अंतिम नियम जारी किया, जिसके तहत ईबी-5 वीजा के लिए आवेदन करने की फीस दोगुने से भी अधिक बढ़ जाएगी।
यह नियम 30 नवंबर से प्रभावी होगा। अमेरिका का ‘ईबी-5 निवेशक कार्यक्रम’ उन विदेशी निवेशकों और उनके निकटतम परिजनों को स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) प्राप्त करने का अवसर देता है, जो किसी अमेरिकी व्यावसायिक उद्यम में निर्धारित पूंजी निवेश करते हैं और अमेरिकी कामगारों के लिए कम से कम 10 पूर्णकालिक नौकरियां पैदा करते हैं। अकेले निवेश करने वाले आवेदकों के लिए फॉर्म आई-526 की फीस 3,675 डॉलर से बढ़कर 7,615 डॉलर हो जाएगी।
स्वीकृत रीजनल सेंटर के माध्यम से निवेश करने वाले आवेदकों के लिए शुरुआती फॉर्म आई-526 फीस 3,675 डॉलर से बढ़कर 7,850 डॉलर हो जाएगी। शुरुआती I-526 और I-526 ई याचिकाओं पर 75 डॉलर का प्रौद्योगिकी शुल्क भी लगेगा। नयी फीस की घोषणा करते हुए यूएससीआईएस ने कहा कि एजेंसी को मुख्य रूप से आवेदन शुल्क से मिलने वाली राशि से वित्त पोषित किया जाता है न कि करों से।
एक बयान में कहा गया, ‘‘ आवेदन की समीक्षा, पृष्ठभूमि की जांच, पात्रता का सत्यापन, धोखाधड़ी का पता लगाने और कार्यक्रम के संचालन को बनाए रखने की लागत उन लोगों को वहन करनी होगी, जो अमेरिकी आव्रजन प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं।
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