अधिक मास पूर्णिमा पर करें ये चमत्कारी उपाय, मिलेगा Double Benefit, घर आएगी सुख-समृद्धि

Adhik Purnima
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अधिक मास पूर्णिमा पर कुछ सरल उपाय करके जीवन की समस्याओं से मुक्ति और सौभाग्य की प्राप्ति की जा सकती है। इस दिन विधि-विधान से विष्णु-लक्ष्मी की पूजा, चंद्रमा को दूध मिश्रित जल अर्पित करने और दान करने से पापों का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। पूर्णिमा के दिन की गई पूजा का पूर्ण फल व्यक्ति को मिलता है, लेकिन अधिक मास की पूर्णिमा पूजा, नाम जप और दान-पुण्य के कार्य करने से जातक को डबल फायदा होता है। भगवान विष्णु जातक की सभी मानोकामना पूर्ण करते हैं और इस दिन समस्त पापों के मुक्ति के द्वार खुल जाते हैं। अधिक मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है क्योंकि अधिकमास 3 वर्ष में आता है, इस बार ज्येष्ठ का महीना अधिकमास है। अधिक मास की शुरुआत 17 मई को हुई और इसका समापन 15 जून को होगा। 

इस बार अधिक मास की पूर्णिमा 31 मई 2026, रविवार को है। इस दौरान आप खुशहाल जीवन के लिए कुछ उपाय कर सकती हैं। आइए आपको बताते हैं पूर्णिमा के दिन कुछ जरुरी उपाय, जिन्हें आप जरुर करें।

माता लक्ष्मी और विष्णु जी की पूजा करें

अगर आप अधिक मास की पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करेंगी, तो आपकी सभी मानोकामनाएं पूर्ण होगी। प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान आदि से मुक्त होकर विष्णु जी को स्नान कराने के बाद एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और मूर्ति स्थापित करें। इसके साथ ही माता लक्ष्मी की प्रतिमा को भी स्थापित करें। अब श्री विष्णु जी को चंदन का तिलक लगाएं और माता लक्ष्मी को सिंदूर का टीका लगाकर विधि-विधान के साथ पूजन करें। इससे विष्णु जी का आशीर्वाद मिलेगा और कष्टों से मुक्ति मिल सकती हैं।

चंद्रमा को अर्घ्य दें

पूर्णिमा तिथि के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं से युक्त होता है। अगर आप अधिक मास की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा को अर्घ्य देंगी, तो आपको काफी शुभ परिणाम मिलेंगे। जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, मजबूत बनेगा। आपको एक तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें कच्चे दूध की कुछ बूंदें मिलाएं और चंद्रमा को अर्घ्य दें, तो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। इस उपाय से आपको चंद्रमा की पूर्ण ऊर्जा मिलती है।

जरूरतमंदों को दान दें

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा तिथि पर दान-पुण्य के कार्य करना बेहद शुभ होता है। वहीं अधिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन दान करना दोगुने फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन जरुरतमंदों को दान देने से शुभ परिणाम मिलते हैं। इसके साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

सत्यनारायण की कथा का पाठ करें

अधिक मास की पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन आप कथा का आयोजन करें और श्रद्धा से प्रसाद बनाएं। इस प्रसाद को समस्त परिवार और मित्रों को अर्पित करें। ऐसा करने से आपके जीवन में चल रही सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। 

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