लखीमपुर हिंसा मामले की कराई जाएगी न्यायिक जांच, मृतक के परिजनों को दिए जाएंगे 45 लाख

yogi
अंकित सिंह । Oct 04, 2021 1:04PM
सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि घटना में लिप्त जो भी जिम्मेदार होगा, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी। क्षेत्र के सभी लोगों से अपील है कि वे अपने घरों पर ही रहे और किसी के बहकावे में ना आएं।

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत की खबर है इनमें 4 किसान भी हैं। इन सबके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि सरकार जिन 4 किसानों की हिंसा में मौत हुई है उनके परिवार को 45 लाख देगी। साथ ही साथ एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी। घायलों को 10 लाख दिए जाएंगे। किसानों की शिकायत के आधार पर एफ आई आर दर्ज की जाएगी। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज इस मामले की जांच करेंगे।

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने के कारण राजनीतिक दलों के नेताओं को लखीमपुर दौरान नहीं करने दिया गया है। हालांकि किसान संघों के कुछ सदस्यों को यहां आने की अनुमति दी गई है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख प्रकट किया है और कहा है कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस घटना के कारणों की तह में जाएगी और इसमें शामिल तत्वों को बेनकाब करेगी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करेगी। इसके साथ ही मौके पर शासन द्वारा अपर मुख्य सचिव नियुक्ति, कार्मिक एवं कृषि, एडीजी कानून व्यवस्था, आयुक्त लखनऊ तथा आईजी लखनऊ मौजूद हैं तथा स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए घटना के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: अखिलेश यादव को पुलिस ने किया गिरफ्तार, लखीमपुर खीरी जाने की जिद में लखनऊ आवास के बाहर कर रहे थे बवाल

सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि घटना में लिप्त जो भी जिम्मेदार होगा, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी। क्षेत्र के सभी लोगों से अपील है कि वे अपने घरों पर ही रहे और किसी के बहकावे में ना आएं। साथ ही साथ मौके पर शांति व्यवस्था कायम रखने में अपना योगदान दें। किसी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मौके पर हो रही जांच तथा कार्यवाही का इंतजार करें।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़