FIP ने Aviation Minister Ram Mohan Naidu को लिखा पत्र, AI-171 जांच पैनल में मांगा प्रतिनिधित्व

AI-171
ANI
अभिनय आकाश । Sep 26 2026 3:56PM

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर एयर इंडिया विमान AI-171 हादसे की ड्राफ्ट जांच रिपोर्ट की समीक्षा समिति में प्रतिनिधित्व की मांग की है। संगठन का कहना है कि 260 मौतों वाले इस हादसे की रिपोर्ट की समीक्षा हेतु बनने वाली किसी भी स्वतंत्र समिति में पायलटों को औपचारिक रूप से शामिल किया जाए।

फेडरेशन ऑफ़ इंडियन पायलट्स (FIP) ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर एक स्वतंत्र समिति में प्रतिनिधित्व की मांग की है। यह समिति एयर इंडिया की उड़ान AI-171 के क्रैश की अंतिम जांच रिपोर्ट के ड्राफ्ट की समीक्षा करने के लिए बनाई जा सकती है। एयर इंडिया की यह उड़ान (बोइंग 787 ड्रीमलाइनर) 12 जून, 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी। 25 सितंबर के एक पत्र में, पायलटों के संगठन ने कहा FIP को पक्की जानकारी मिली है कि सरकार/मंत्रालय ने निर्देश दिया है या इस बात पर विचार कर रहा है कि अहमदाबाद विमान दुर्घटना की जांच की अंतिम रिपोर्ट (जो अभी तैयार की जा रही है) को जारी या अंतिम रूप देने से पहले एक स्वतंत्र समिति से जांच करवाई जाए।" पायलटों के संगठन ने मांग की कि अगर जांच रिपोर्ट के ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए कोई स्वतंत्र व्यवस्था बनाई जा रही है, तो FIP को उसमें "औपचारिक रूप से शामिल किया जाए और प्रतिनिधित्व दिया जाए।

इसे भी पढ़ें: GenZ वोटरों को रोकने के बाद अब स्पेशल कैंप लगाने का दिया जा रहा आदेश, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर लगाया एक और आरोप

गठन का तर्क है कि वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन, कॉकपिट के वास्तविक माहौल और ड्रीमलाइनर जैसे आधुनिक विमानों की तकनीकी जटिलताओं को सक्रिय पायलटों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। FIP के अनुसार, ऐसी गंभीर और संवेदनशील जांच में कॉकपिट क्रू का पक्ष शामिल किए बिना तैयार की गई समीक्षा न केवल अधूरी होगी, बल्कि इससे विमानन सुरक्षा के व्यापक मानकों पर भी असर पड़ सकता है।

इसे भी पढ़ें: आम नागरिकों के मारे जाने... हवाई हमलों से दहला अफगानिस्तान तो पाकिस्तान पर भयंकर टूट पड़ा रूस,

पायलटों की संस्था ने यह चिंता भी जताई कि किसी भी जांच प्रक्रिया में परिचालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं (operational realities) को नजरअंदाज कर तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर एकतरफा निष्कर्ष निकालना भविष्य की उड़ानों की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होगा। संगठन ने मंत्रालय से आग्रह किया है कि समीक्षा समिति में वरिष्ठ और अनुभवी पायलटों को शामिल कर प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटना के मूल कारणों की निष्पक्ष पहचान हो सके और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

All the updates here:

अन्य न्यूज़