अलीगढ़ में जहरीली शराब से 25 लोगों की मौत की पुष्टि, भाजपा सांसद ने 35 के मरने का किया दावा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 30, 2021   13:51
अलीगढ़ में जहरीली शराब से 25 लोगों की मौत की पुष्टि, भाजपा सांसद ने 35 के मरने का किया दावा

अलीगढ़ में जहरीली शराब से 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम ने कहा, उन्होंने उन विभिन्न गांवों से एकत्र की गई सूचना के आधार पर आंकड़े एकत्र किए है, जहां कई पीड़ितों का बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार किया गया है।

अलीगढ़ (उप्र)। अलीगढ़-हरियाणा सीमा पर टप्पल ब्लॉक में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जिले के अधिकारियों ने अब तक 25 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इस बीच, अलीगढ़ से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम ने रविवार को दावा किया कि उनके द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार मरने वालों की संख्या 35 को पार कर गई है। गौतम ने कहा कि उन्होंने उन विभिन्न गांवों से एकत्र की गई सूचना के आधार पर आंकड़े एकत्र किए है, जहां कई पीड़ितों का बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार किया गया है।

इसे भी पढ़ें: मोदी सरकार की सातवीं वर्षगांठ पर बोले जेपी नड्डा- करोड़ों कार्यकर्ता आज गांवों की सेवा करेंगे

आधिकारिक आंकड़ों और अनौपचारिक आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर होने के सवाल पर सांसद ने कहा, हम आज अधिकारियों से मिलेंगे और इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। जहरीली शराब से मौत के मामले पहले केवल लोधा ब्लॉक में सामने आ रहे थे, लेकिन अब जिले के अन्‍य ब्लॉक में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह स्पष्ट है कि त्रासदी की खबर आने के एक दिन बाद भी कई पीड़ितों ने जानलेवा शराब पी। इस बीच जिलाधिकारी सरकारी कर्मचारियों के दलों को अलग-अलग गांवों में भेज रहे हैं। ये दल लाउडस्पीकर के जरिये लोगों से एक सप्ताह पहले बेची गई शराब का सेवन नहीं करने का आग्रह कर रहे हैं। इस बीच, लोधा थानाध्यक्ष अभय कुमार शर्मा को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया, जिसकी आधिकारिक घोषणा शनिवार शाम की गई।

इसके पहले अपर मुख्‍य सचिव (आबकारी) संजय भूसरेड्डी ने शुक्रवार को बताया था कि अलीगढ़ के जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, संबंधित क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक राजेश कुमार यादव और चंद्रप्रकाश यादव, प्रधान आबकारी सिपाही अशोक कुमार एवं आबकारी सिपाही रामराज राना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कलानिधि नैथानी ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार देर रात तक नकली शराब के रैकेट के सरगना अनिल चौधरी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। चौधरी के करीबी माने जाने वाले ऋषि शर्मा और विपिन यादव सहित दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए 50-50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। पुलिस अनिल चौधरी और ऋषि शर्मा के नेटवर्क की भी जांच कर रही है जिनके कथित तौर पर मजबूत राजनीतिक संबंध हैं।

इसे भी पढ़ें: कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए हरियाणा ने की वित्तीय सहायता की घोषणा

पुलिस ने शराब के पांच ठेकों को सील कर दिया है और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम शराब के ठेकों की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नकली शराब के भंडार से और लोगों की मौत नहीं हो। घटना की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश पहले ही दे दिए गए हैं और पांच आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने पत्रकारों को बताया था कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगा सकता है। जिलाधिकारी ने मरने वालों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की।उल्लेखनीय है कि अलीगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) दीपक कुमार ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया था कि शुक्रवार सुबह लोढ़ा थाना पुलिस को सूचना मिली कि अलीगढ़-टप्पल राजमार्ग पर यहां से करीब 20 किलोमीटर दूर करसिया गांव में एक ठेके से खरीदी गई देसी शराब पीने से दो ट्रक चालकों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचने तक सूचना मिली कि करसिया और आसपास के कुछ अन्य गांवों के छह अन्य लोगों ने भी शराब पीने के बाद दम तोड़ दिया है। इसके बाद कई गांवों से शराब पीने से लोगों के मरने की खबरें आ रही हैं। तब से मृतक संख्या लगातार बढ़ रही है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।