अनुप्रिया पटेल: पिता की राजनीतिक विरासत को बढ़ा रहीं आगे, मोदी सरकार में हैं मंत्री

अनुप्रिया पटेल: पिता की राजनीतिक विरासत को बढ़ा रहीं आगे, मोदी सरकार में हैं मंत्री

सोनेलाल पटेल उत्तर प्रदेश में एक खास जाति की राजनीति करते थे और यही कारण था कि उन्होंने अपना दल का स्थापना किया। अनुप्रिया पटेल ने अपनी पढ़ाई लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन और कानपुर यूनिवर्सिटी से की है। उन्होंने मनोवैज्ञान में मास्टर की डिग्री हासिल की है जबकि उनके पास एमबीए की भी डिग्री है।

भारत की राजनीति में ऐसी महिलाएं कम ही मिलेंगी जिन्होंने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है। उन्हीं महिलाओं में से एक है केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान अनुप्रिया पटेल खूब सुर्खियों में रही। अनुप्रिया पटेल वर्तमान में अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और मोदी कैबिनेट में मंत्री भी हैं। 2016 में भी उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी। अनुप्रिया पटेल का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर में 28 अप्रैल 1981 को हुआ था। उनके पिता सोनेलाल पटेल थे। सोनेलाल पटेल उत्तर प्रदेश में एक खास जाति की राजनीति करते थे और यही कारण था कि उन्होंने अपना दल का स्थापना किया। अनुप्रिया पटेल ने अपनी पढ़ाई लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन और कानपुर यूनिवर्सिटी से की है। उन्होंने मनोवैज्ञान में मास्टर की डिग्री हासिल की है जबकि उनके पास एमबीए की भी डिग्री है।

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2009 में जब सोने लाल पटेल की मृत्यु हो गई तो अनुप्रिया पटेल और उनकी तीनों बहनों ने सोनेलाल को कंधा दिया था। अनुप्रिया पटेल पिता के रहते राजनीति में सक्रिय नहीं थीं। लेकिन उनकी मौत के बाद उन्होंने राजनीति की ओर अपना कदम बढ़ाया। सोनेलाल पटेल अपने दौर के कद्दावर नेता थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, मायावती से मतभेद के बाद उन्होंने अपना दल की स्थापना की। 28 वर्ष की उम्र में अनुप्रिया पटेल राजनीति में आई और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव बनाई गई। उस दौरान अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल पार्टी की कमान संभाल रही थीं। लेकिन धीरे-धीरे परिवार में तनाव बढ़ता गया और आगे चलकर पार्टी दो भागों में बांट गई। अनुप्रिया पटेल ने अपना दल एस बना लिया।

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अनुप्रिया पटेल 2012 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा। उन्होंने वाराणसी रोहनिया विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। साल 2014 में भाजपा के साथ अपना दल का गठबंधन हुआ। ऐसे में मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल को सांसद बनने का मौका मिल गया। अनुप्रिया पटेल को 2016 में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया। इसी दौरान अपना दल में टूट हुआ और दो भागों में यह बट गया। 14 दिसंबर 2016 को वह अपना दल (एस) की अध्यक्ष बन गईं। 7 जुलाई 2021 को हुए कैबिनेट विस्तार में अनुप्रिया पटेल को फिर से मंत्रिमंडल में जगह मिली और उन्हें वाणिज्य एवं इंडस्ट्री मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया। वर्तमान में देखें तो अनुप्रिया पटेल की पार्टी के दो सांसद हैं जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा में 12 विधायक हैं। उत्तर प्रदेश की विधान परिषद में भी अनुप्रिया पटेल की पार्टी से एक पार्षद है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो अनुप्रिया पटेल का राजनीतिक ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में सभी देश की सक्षम महिला नेताओं में से एक होंगी।





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