बाबरी बनेगी, हिम्मत है तो रोक लो...हुमायूं की खुली धमकी, 6 दिसंबर को जुटेंगे 5 लाख मुसलमान!

पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर ने प्रशासनिक विरोध के बावजूद 6 दिसंबर को प्रस्तावित मस्जिद स्थल पर बड़े जलसे का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि इसे अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त है और यह मस्जिद 2028 तक तैयार होगी। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने हाईवे जाम की चेतावनी और मस्जिद के विवादित नाम पर कड़ी आपत्ति जताई है।
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नेता और नौदा (पश्चिम बंगाल) से विधायक हुमायूं कबीर ने एक बार फिर 6 दिसंबर को प्रस्तावित मस्जिद निर्माण स्थल पर बड़ा जलसा करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अड़चनों और राजनीतिक विरोध के बावजूद वह इस कार्यक्रम को हर हाल में आयोजित करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट को लेकर उन्हें न केवल भारत, बल्कि कई मुस्लिम देशों से भी जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। 3 नवंबर को दिए अपने बयान में हुमायूं कबीर ने कहा कि यह सिर्फ उनके क्षेत्र का मामला नहीं है, बल्कि यह देश और दुनिया के मुसलमानों के लिए एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यह पूरे भारत के मुसलमानों के लिए और वैश्विक स्तर पर बांग्लादेश, ओमान, कतर, दुबई और सऊदी अरब जैसे देशों में रहने वाले मुसलमानों के लिए एक जज्बाती मुद्दा है। इन तमाम मुल्कों से लोगों ने मुझे बार-बार फोन करके हौसला दिया है। वे कहते हैं कि आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, आप इसे जारी रखिए, हम आपके साथ खड़े हैं। इसलिए, जब तक मेरी सांसें चल रही हैं, मैं अल्लाह के इस घर का निर्माण पूरा करूंगा, और उसके बाद ही, इंशाअल्लाह, इस दुनिया से रुखसत होऊंगा।
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कबीर ने दोहराया कि पिछले साल शुरू किए गए इस मस्जिद प्रोजेक्ट की नींव को 6 दिसंबर को एक साल पूरा हो जाएगा। उनका कहना है कि इस दिन वे बड़े पैमाने पर लोगों को इकट्ठा करेंगे और इस निर्माण कार्य को आगे बढ़ाएंगे। इससे पहले उनके बयानों और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-12) को जाम करने की चेतावनियों को लेकर प्रशासन व विपक्षी दलों ने कड़ा रुख अपनाया था, लेकिन विधायक अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहे हैं। उन्होंने परियोजना की समय-सीमा बताते हुए कहा कि इसकी नींव 6 दिसंबर, 2025 को रखी गई थी। 6 दिसंबर, 2026 को होने वाला कार्यक्रम, नींव रखे जाने के बाद पहले साल के पूरा होने का प्रतीक होगा। कबीर ने कहा कि उस दिन हाँ 5 लाख लोग इकट्ठा होंगे, और मैं एक घोषणा करूँगा। सब कुछ तय हो चुका है और लोगों को यहाँ आने के लिए बार-बार याद दिलाया जाएगा। उन्होंने इस मौके को चल रहे काम के दूसरे साल के रूप में बताया। राज्य प्रशासन के साथ तनाव और कानून-व्यवस्था को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर कबीर ने कहा हाँ कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं होगी। इससे पहले, यहाँ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार थी। उन्होंने काफी अड़चनें पैदा की थीं। उनका कहना था कि बाबरी मस्जिद बनाने से कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी हो जाएगी। कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए; इन सब बातों को पीछे छोड़ देना चाहिए। किसी और के नाम पर मस्जिद बनाई जाए, बाबरी मस्जिद नहीं होनी चाहिए, लेकिन मैं इस बात से सहमत नहीं था।
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भविष्य की ओर देखते हुए, कबीर ने मस्जिद के लिए अपना दीर्घकालिक दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि मैं अल्लाह का शुक्र अदा करता हूँ कि उन्होंने मुझे जीवन दिया और इस काम को पूरा करने का मौका दिया। यहाँ के लोगों के दिलों में यही इच्छा है कि मस्जिद का निर्माण बहुत अच्छे ढंग से हो। इसलिए, मैंने घोषणा की है कि 6 दिसंबर 2028 को, पूरी शान-ओ-शौकत और पूरे सम्मान के साथ, यह मस्जिद दुनिया भर के मुसलमानों के लिए खोल दी जाएगी।" कबीर ने इस परियोजना के पीछे एक प्रेरणा के रूप में 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस का भी जिक्र किया: "उस समय कई धर्मगुरु और विद्वान यहाँ आएँगे, लेकिन अभी इस बारे में बात करने की कोई ज़रूरत नहीं है। 6 दिसंबर आने में अभी एक महीने का समय है। 1992 में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने से कई मुसलमानों को बहुत गहरा दुख पहुँचा था। उस दर्द को कम करने के लिए मैं अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूँ और आगे भी करता रहूँगा। इंशाअल्लाह, मैं इसे पूरी तरह से पूरा करूँगा।
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मस्जिद परियोजना और नेशनल हाईवे 12 को जाम करने की कबीर की हालिया धमकी ने राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है, जिसकी पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के नेताओं ने आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने हाईवे को अवैध रूप से जाम करने और विवादित नाम रखने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा न्याय संहिता के अनुसार, नेशनल हाईवे को जाम करना एक गैर-जमानती अपराध है। इसलिए, मैं विधायक से आग्रह करूंगा कि वे ऐसा न करें। बेहतर होगा कि वे 'बाबर' नाम से बचें; उन्हें अपनी मस्जिद का नाम किसी और व्यक्ति के नाम पर रखना चाहिए, न कि बाबर के नाम से जोड़कर। पश्चिम बंगाल के राज्य मंत्री शंकर घोष ने कबीर की हरकतों की कड़ी निंदा करते हुए कहा ये ऐसे लोग हैं जिन्हें कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए।
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