मैसूर यूनिवर्सिटी में शाम 6:30 के बाद छात्राओं के अकेले घूमने पर प्रतिबंध, बाहरियों की भी एंट्री नहीं

मैसूर यूनिवर्सिटी में शाम 6:30 के बाद छात्राओं के अकेले घूमने पर प्रतिबंध, बाहरियों की भी एंट्री नहीं

विश्वविद्यालय की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक गंगोत्री कैंपस के अंदर शाम 6:30 बजे के बाद महिलाओं के अकेले घूमने पर रोक लगाई जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा अधिकारियों को शाम 6:00 बजे से 9:00 बजे तक परिसर में पेट्रोलिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

छात्रों की सुरक्षा को लेकर मैसूर विश्वविद्यालय ने अजीबोगरीब सर्कुलर जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक शुक्रवार से शाम 6:30 बजे के बाद परिसर में छात्राओं की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मैसूर में हाल में ही हुए गैंगरेप के बाद यह आदेश दिया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक गंगोत्री कैंपस के अंदर शाम 6:30 बजे के बाद महिलाओं के अकेले घूमने पर रोक लगाई जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा अधिकारियों को शाम 6:00 बजे से 9:00 बजे तक परिसर में पेट्रोलिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बाहर के लोगों की भी एंट्री नहीं होगी। 

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खबरों के मुताबिक परिसर से सटे प्रसिद्ध कुक्कराहल्ली झील परिसर में भी 6:30 बजे के बाद लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय परिसर में गस्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आदेश के बारे में पूछे गए सवाल पर कुलपति ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा परिसर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताए जाने के बाद यह आदेश जारी किया गया है। इसका मकसद एकांत स्थानों पर छात्राओं की आवाजाही को रोकना है। कुक्कराहल्ली झील क्षेत्र वनस्पतियों के बीच है। आसपास पूरा जंगल है। ऐसे में यहां देर शाम कोई भी अपराध घटित हो सकता है।

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आपको बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रवीण सूद मैसूर के बाहरी इलाके के चामुंडी क्षेत्र में एक कॉलेज छात्रा से सामूहिक बलात्कार के मामले की जांच की निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘डीजीपी मैसूर जा रहे हैं। मैंने उन्हें जांच की निगरानी करने और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का निर्देश दिया है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच दल गठित कर दिए गए हैं और तेजी से जांच हो रही है। बोम्मई ने कहा कि उन्होंने पुलिस को उनके पास सीधे जांच रिपोर्ट भेजने को कहा है। इस बीच, गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने मीडिया से कहा कि वह इस मुद्दे पर पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और प्रगति रिपोर्ट लेंगे।





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