Maharashtra चुनाव में 'स्याही' पर संग्राम, Uddhav Thackeray बोले- Sanitizer से मिट रही, धांधली हो रही

Uddhav Thackeray
प्रतिरूप फोटो
ANI
अंकित सिंह । Jan 15 2026 2:25PM

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में अमिट स्याही के सैनिटाइजर से आसानी से मिटने का आरोप लगाते हुए चुनावी धांधली का दावा किया है। उन्होंने इसे चुनाव आयोग और सत्ताधारी दल के बीच मिलीभगत बताते हुए चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों में चुनावी धांधली के आरोप लगाए। ठाकरे ने आरोप लगाया कि मतदान के बाद मतदाताओं की उंगलियों पर लगाई जाने वाली अमिट स्याही को नेल पॉलिश रिमूवर और सैनिटाइजर से आसानी से हटाया जा रहा है, जिससे कुछ लोग एक से अधिक बार वोट डाल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सत्ताधारी महायुति और राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) के बीच 'मिलीभगत' का सबूत है।

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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठाकरे ने आरोप लगाया कि शायद यह पहला चुनाव है जिसमें इतनी शिकायतें आ रही हैं कि लगाई गई स्याही तुरंत हट रही है। चुनाव आयोग और सत्ताधारी पार्टी के बीच मिलीभगत है। कई अनियमितताएं हो रही हैं। चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग पर कटाक्ष किया और पूछा कि क्या उन्होंने स्याही को इतनी आसानी से हटाने के लिए किसी सैनिटाइजर एजेंसी को काम पर रखा था?

उन्होंने कहा कि क्या चुनाव आयोग ने किसी सैनिटाइजर एजेंसी को काम पर रखा है? मुझे लगता है कि चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में क्या किया है? चुनाव आयोग एक सेवक है, राजा नहीं। मैं आप सभी से बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं जानते कि उनका मतदान केंद्र कौन सा है...इसी वजह से कई समस्याएं आ रही हैं।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपने मोबाइल पर सैनिटाइजर या नेल पॉलिश रिमूवर से स्याही हटाने का कथित सबूत दिखाते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यहां लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा, "चुनाव आयुक्त वेतन क्यों ले रहे हैं? बीएमसी चुनाव नौ साल बाद हो रहे हैं। इन नौ सालों में उन्होंने क्या किया? यह जनता का पैसा है। ऐसा लगता है कि हमारे कर्मचारियों को हर दिन चुनाव आयुक्त के कार्यालय में बैठकर उनसे पूछना पड़ेगा कि उन्होंने क्या-क्या काम किया है।"

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