नेपाल में भारी बारिश के बाद Bihar Alert पर, 13 संवेदनशील जिलों में बढ़ी निगरानी

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के बाद बिहार के 13 जिलों में प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज से 2,86,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि कोसी और बागमती नदी प्रणालियों के तटबंधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मुख्य सचिव ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को नावों और लाइफ जैकेट समेत तैयार रहने को कहा है।
नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश होने के मद्देनजर बिहार सरकार ने संवेदनशील जिलों में शनिवार को अपनी तैयारियों में और इजाफा किया। एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गयी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आज सुबह एक उच्च स्तरीय बैठक में जिला प्रशासनों को अलर्ट रहने तथा नदियों के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, नदी के किनारे बसे गांवों, पुलों और सड़कों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।
जल संसाधन विभाग के एक बयान में कहा है कि यह अलर्ट गंडक, बागमती और कोसी नदी प्रणालियों से जुड़े जिलों के लिए है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगुसराय शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से 50.49 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
बयान के अनुसार, सुबह 11 बजे गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज से 2,86,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नेपाल में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए संबंधित प्रशासन ने इलाके के सभी अधिकारियों को सतर्कता बरतने को कहा है। कोसी नदी का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन नदी जिन जिलों से गुजरती है, उन्हें सतर्क रहने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को नावों, लाइफ जैकेट और बचाव के उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के दलों को अलर्ट रहने को कहा गया है। बयान में कहा गया है कि संबंधित प्रशासनों को जन घोषणा प्रणाली के जरिए समय रहते चेतावनी जारी करने और जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का भी निर्देश दिया गया है।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे प्रशासन, पुलिस और जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन विभागों के बीच तालमेल बनाए रखें और बचाव एवं राहत कार्यों के लिए संसाधनों को तैयार रखें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। आपातकालीन मदद के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के शुल्कमुक्त नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
कोसी नदी के बीरपुर बैराज में शनिवार सुबह छह बजे पानी का बहाव सबसे ज़्यादा 3,13,595 क्यूसेक दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद जतायी। बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायता केंद्र ने अनुमान लगाया था कि 26 सितंबर को सुबह छह बजे कोसी नदी में पानी का बहाव 3,53,407 क्यूसेक और आधी रात को गंडक नदी में 3,81,638 क्यूसेक होगा।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गंगा नदी में पानी का स्तर अभी कम है।
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