Bihar MLC Chunav: मतगणना हॉल में CCTV न होने पर भड़के विपक्षी प्रत्याशी, धरने पर बैठे डॉ. संजय यादव

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर जारी मतगणना के बीच पटना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे न होने से विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय यादव ने धांधली की आशंका जताते हुए धरना शुरू किया, जबकि राजद उम्मीदवार ने भी प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। वहीं पटना डीएम ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आयोग का ऐसा कोई निर्देश नहीं है।
बिहार विधान परिषद की आठ सीट के लिए मंगलवार को जारी मतगणना के दौरान पटना में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मतगणना हॉल के अंदर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. संजय यादव धरने पर बैठ गए। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने भी मतगणना व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन की मंशा पर संदेह जताया। संजय यादव ने मतगणना केंद्र पर सुरक्षा एवं पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि मतों की चोरी और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए मतगणना हॉल के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए थे। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने भी पत्रकारों से बातचीत में मतगणना हॉल के अंदर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘‘जब लोकसभा और विधानसभा चुनावों की मतगणना के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं, तो विधान परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?’’ कुमार ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने निर्वाचन आयोग से लेकर जिलाधिकारी तक को ईमेल भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने मतगणना हॉल के अंदर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने को लेकर प्रशासन की मंशा पर भी सवाल उठाए। हालांकि, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतगणना की सभी व्यवस्थाएं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई हैं। जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
मतगणना हॉल के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने का कोई निर्देश नहीं है।’’ उल्लेखनीय है कि राजद ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को एक पत्र सौंपा था। इसमें विधान परिषद चुनाव की निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का अनुरोध किया गया था। इस बीच, बिहार विधान परिषद की आठ सीट पर द्विवार्षिक चुनाव के लिए मतों की गणना मंगलवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य के आठ मतगणना केंद्रों पर चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती की जा रही है। इन आठ सीट के लिए कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 60 उम्मीदवार शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 4,92,594 मतदाता पंजीकृत थे, जबकि चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 40,253 थी।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, पटना में मतगणना हॉल के अंदर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने को लेकर विपक्षी उम्मीदवारों के विरोध के कारण विवाद उत्पन्न हो गया है।
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