Bhilai Steel Plant से लोहा चोरी मामले में CBI जांच को मिली Chhattisgarh सरकार की मंजूरी

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

छत्तीसगढ़ सरकार ने दुर्ग जिले के भिलाई इस्पात संयंत्र से लोहा और कबाड़ की कथित चोरी की जांच सीबीआई को सौंपने की अधिसूचना जारी की है। भाजपा विधायक रिकेश सेन ने बताया कि 25 सितंबर को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया गया। पुरानी भिलाई थाने में दर्ज इस मामले में अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रिकेश सेन ने कहा कि राज्य सरकार ने दुर्ग जिले में स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से लोहा और कबाड़ की कथित चोरी से जुड़े मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने को मंजूरी दे दी है। जिले के वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सेन ने कहा कि राज्य सरकार ने इस संबंध में 25 सितंबर को अधिसूचना जारी की है। सेन ने सोमवार रात जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘यह भिलाई के लोगों के लिए बड़ी बात है।

जिन लोगों ने 40 साल तक भिलाई इस्पात संयंत्र को लूटा और राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी की, उन्हें अब सीबीआई जांच का सामना करना पड़ेगा।’’ सेन द्वारा साझा की गई अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार ने ‘भारतीय न्याय संहिता’ की विभिन्न धाराओं के तहत पुरानी भिलाई थाने में दर्ज मामले की जांच के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में ‘दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना’ के सदस्यों की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने की मंजूरी दी है। सेन ने कहा कि वह स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के मुख्य संयंत्र से लोहा और कबाड़ की कथित चोरी का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आभार जताया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा कहता था कि मेरी कोशिशें बेकार नहीं जाएंगी और सीबीआई आएगी। इस मुद्दे पर संज्ञान लेने का सबसे बड़ा श्रेय अमित शाह को जाता है, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने यह तय किया कि राष्ट्रीय संपत्ति लूटने वालों पर कार्रवाई होगी।’’ सेन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ‘‘सफेदपोश’’ लोगों को भी अब कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा जिन्होंने राष्ट्रीय संपत्ति की कथित चोरी में शामिल लोगों का समर्थन किया था। सेन लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि भिलाई इस्पात संयंत्र से बड़े पैमाने पर लोहे की चोरी के पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ है, जिसमें कथित तौर पर पुलिसकर्मी, नौकरशाह और बीएसपी अधिकारी शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि पुरानी भिलाई थाने में दर्ज मामला 26 मई को एके ट्रेडर्स के परिसर से बड़ी मात्रा में लोहे का स्क्रैप बरामद होने से जुड़ा है। उसने बताया कि इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें भाजपा का एक पदाधिकारी तथा बीएसपी और एक निजी इस्पात कंपनी के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने तब कहा था कि इस्पात संयंत्र के अंदर और बाहर काम करने वाला एक संगठित गिरोह कथित तौर पर पिछले चार-पांच महीनों से बीएसपी से लोहे का कबाड़ चुरा रहा था।

वे इसे ‘फ्लू डस्ट’ की खेप में छिपाकर और व्यावसायिक लाभ के लिए बेचने से पहले अवैध तरीके से जमा करते थे। उन्होंने बताया कि 26 मई को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने भिलाई के हथखोज इलाके में एके ट्रेडर्स के परिसर पर छापा मारा और ट्रकों तथा भारी वाहनों में लदी लोहे की प्लेटें, बीम, कटिंग और अन्य कबाड़ के साथ-साथ ‘फ्लू डस्ट’ भी बरामद किया। उन्होंने बताया कि जब्त किए गए स्क्रैप, वाहनों और मशीनरी की कुल कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें करीब 90 लाख रुपये मूल्य का लोहे का कबाड़ भी शामिल है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़