रूस ने भारत को दिया ब्रह्मास्त्र तो दहशत में आया चीन, डिफेंस सेक्टर पर साइबर अटैक कर खुफिया तैयारियां जुटाने में लगा

रूस ने भारत को दिया ब्रह्मास्त्र तो दहशत में आया चीन, डिफेंस सेक्टर पर साइबर अटैक कर खुफिया तैयारियां जुटाने में लगा

भारत की रक्षा तैयारियों पर चीन की साइबर सेंधमारी की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन के हैकर्स भारत के डिफेंस सेक्टर में साइबर अटैक कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार चीनी हैकरों द्वारा 40 कंप्यूटर्स में सेंध लगाने की कोशिश की गई है।

भारत की नई मारक क्षमता ने पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में चीन की चिंता बढ़ा दी है। रूस ने भारत को दुनिया के सबसे खतरनाक डिफेंस मिसाइल सिस्टम एस-400 की डिलीवरी शुरू कर दी है। ये एक सर्फेश टू एयर मिसाइल सिस्टम है यानी सतह से हवा में मार करने वाला दुनिया का सबसे आधुनिक और सबसे प्रभावी मिसाइल सिस्टम माना जाता है। इसकी पहली रेजिमेंट की तैनाती पश्चिमी सीमा के पास की जा सकती है। जहां से पाकिस्तान और चीन दोनों को दबाव में रखा जा सकता है। लेकिन भारत के की इस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम ने चालबाज चीन की धड़कनों को बढ़ा दिया है। वो अपनी नई चाल चलने में लगा है जिसके लिए भारत की रक्षा तैयारियों की जानकारी जुटाने की जुगत में लगा है। 

इसे भी पढ़ें: पूर्वी लद्दाख के पास नए मिसाइल रेजिमेंट तैनात कर रहा चीन, भारत ने जताई चिंता

डिफेंस सेक्टर में चीन का साइबर अटैक

भारत की रक्षा तैयारियों पर चीन की साइबर सेंधमारी की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन के हैकर्स भारत के डिफेंस सेक्टर में साइबर अटैक कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार चीनी हैकरों द्वारा 40 कंप्यूटर्स में सेंध लगाने की कोशिश की गई है। पैरामिलिट्री फोर्सेज, पुलिस, बैंक के कंप्यूटर्स को हैक करने की कोशिश की गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में सरकार को सूचित किया है।

भारत की खुफिया तैयारियों का पता लगाने की कोशिश

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन ये पता लगाने की कोशिश में लगा है कि भारत की एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम के साथ ही अपने लड़ाकू विमान से लेकर दूसरे हथियारों को कहां-कहां तैनात कर रहा है। चीन के साइबर हैकर्स डिफेंस सेक्टर के साथ ही देश के अन्य रणनीतिक रूप से संवेदनशील विभागों में सेंधमारी की कोशिश में लगा है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...