CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत भेजा गया, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी

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ANI
रेनू तिवारी । Oct 14 2026 9:32AM

घटना के समय उनके साथ मौजूद अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये का बॉन्ड भरने और एक साल तक सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने वाली गतिविधियों में शामिल न होने की शर्त पर जमानत पर रिहा कर दिया गया।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को बुधवार को दिल्ली की एक अदालत ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर के प्रतिबंधित परिसर में प्रवेश करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। दास और रंका को मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

घटना के समय उनके साथ मौजूद अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये का बॉन्ड भरने और एक साल तक सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने वाली गतिविधियों में शामिल न होने की शर्त पर जमानत पर रिहा कर दिया गया।

सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर के बंद गेट पर चढ़ने के बाद हिरासत में लिया गया था। यह घटना उस जगह को विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटाए जाने के एक दिन बाद हुई थी।

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बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें प्रिवेंटिव अरेस्ट (एहतियातन गिरफ्तारी) में ले लिया, जबकि CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि नेताओं को मंगलवार देर रात तक वकीलों से मिलने नहीं दिया गया।

CJP नेताओं को जेल क्यों भेजा गया?

सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि आरोपियों ने सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डाली और अपने बॉन्ड में तय शर्तों का उल्लंघन किया।

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पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की औपचारिक अपील की थी। इन आरोपों का हवाला देते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अदालत ने आरोपियों को पांच दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

जंतर-मंतर पर क्या हुआ?

मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने दास और रंका को हिरासत में ले लिया था। वे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) विवाद को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। यह कार्रवाई तब हुई जब दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए राजनीतिक दलों और संगठनों को वहां प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटा दिया। खबरों के मुताबिक, ये दोनों और कई अन्य लोग JDU के नेशनल ऑफिस के पास एक गेट फांदकर उस इलाके में घुसने में कामयाब रहे, जबकि वहां भारी सुरक्षा तैनात थी। इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों को "तिरंगा लिए कॉकरोच" कहा और बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से पहले वे सुबह-सुबह जंतर-मंतर में घुस गए थे।

वीडियो में CJP के नेता रंका और दास, कुछ वॉलंटियर्स के साथ, हाथों में तिरंगा लिए गेट फांदकर परिसर में घुसते और प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। जब वहां तैनात पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़े, तो प्रदर्शनकारियों ने "भारत माता की जय" और "ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें" जैसे नारे लगाए।

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खबरों के अनुसार, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो थोड़ी झड़प हुई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया और वहां से ले जाया गया।

इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने लिखा, "विरोध को डीनोटिफाई नहीं किया जा सकता," और जंतर-मंतर का प्रदर्शन स्थल का दर्जा खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी।

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