केरल के Pathanamthitta में केंद्र की ESA अधिसूचना के खिलाफ CPIM की हड़ताल, सात गांव बंद

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने केंद्र सरकार के ईएसए मसौदे से सात गांवों को बाहर करने की मांग पर शनिवार को पत्तनमथिट्ठा में 12 घंटे की हड़ताल की। इस दौरान चित्तर और पेरुनाड सहित सभी प्रभावित इलाकों में दुकानें, शिक्षण संस्थान और निजी बस सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। किसानों को आशंका है कि पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र में शामिल होने पर उनके निर्माण कार्यों पर रोक लग जाएगी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केंद्र सरकार की पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) संबंधी मसौदा अधिसूचना से सात गांव को बाहर करने की मांग करते हुए शनिवार को पत्तनमथिट्ठा जिले के इन गांवों में हड़ताल की। पुलिस ने बताया कि दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक जारी रहने वाली यह हड़ताल चित्तर, पेरुनाड, वडसेरिक्करा, अरुवप्पुलम, कोल्लमुला, थन्निथोड और सीथाथोड गांवों में की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन इलाकों में निजी बसें सड़कों से नदारद रहीं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। पार्टी ने इन गांवों में विरोध रैलियां भी निकालीं।
शुक्रवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में माकपा के पत्तनमथिट्ठा जिला सचिव राजू अब्राहम ने कहा कि हड़ताल केवल उन सात गांव तक सीमित रहेगी, जो पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र के दायरे में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गलत प्रचार किया जा रहा है कि हड़ताल पूरे जिले में होगी। प्रस्तावित अधिसूचना को लेकर जिले के जंगलों के आसपास रहने वाले किसानों में चिंता बढ़ गई है।
उन्हें विशेष रूप से इस बात की आशंका है कि यदि उनकी जमीन इन क्षेत्रों के दायरे में आती है, तो निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लग सकते हैं।
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