Delhi में कॉजपा के प्रदर्शन के बाद 20 FIR दर्ज, पुलिसकर्मियों पर हमले का आरोप

मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ी को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने 20 मुकदमे दर्ज किए हैं। इस दौरान पथराव में 15 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए और 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। कमला मार्केट थाने में दर्ज प्राथमिकी में हिंदू रक्षा दल से जुड़े चार लोगों की गिरफ्तारी भी शामिल है।
दिल्ली पुलिस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में 20 प्राथमिकी दर्ज की हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों में कमला मार्केट थाने में दर्ज एक प्राथमिकी भी शामिल है, जिसमें दक्षिणपंथी हिंदू रक्षा दल से जुड़े होने का दावा करने वाले चार लोगों को विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ मारपीट और महिलाओं के साथ बदसलूकी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने बताया कि इन प्राथमिकी में पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं। कॉजपा द्वारा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आहूत इस प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए 30,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया था।
इस दौरान विपक्ष के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान पथराव की कई घटनाएं सामने आईं, जिनमें 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल भी शामिल हैं जिन्हें सफदरजंग फ्लाईओवर के पास ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा और उनके समर्थकों को हिरासत में लेते समय हाथ में चोट लग गई।
मध्य दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग और प्रतिबंधों के बीच पुलिस ने आकाशवाणी भवन, इम्तियाज अली मार्ग, हनुमान मंदिर और केरल हाउस सहित कई स्थानों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
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