UP की बड़ी खबरें: कोविड-19 के बावजूद पिछले वर्ष से दोगुना हुआ मौरंग का भंडारण

UP की बड़ी खबरें: कोविड-19 के बावजूद पिछले वर्ष से दोगुना हुआ मौरंग का भंडारण

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने जनपद मुजफ्फरनगर के गांधी कालोनी स्थित गांधी वाटिका में मुख्यमंत्री के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड 19 की तीसरी सम्भावित लहर के दृष्टिगत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए पीडियाट्रिक किट वितरण किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के कुशल दिशा निर्देशन व सचिव /निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश, डॉ रोशन जैकब के नेतृत्व में कोविड-19 की दूसरी लहर की विषम परिस्थितियों के बावजूद इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा मौरंग का 2 गुना से अधिक भंडारण, भंडारण स्थलों पर कराया गया है। ताकि मानसून अवधि में उपभोक्ताओं को सस्ती दरों में बहुत ही आसानी से उपलब्ध हो सके। निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म डॉ रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री के कुशल निर्देशन में खनिजों के भंडारण की ठोस व प्रभावी रणनीति बनाई गई,  जिसके सार्थक और सकारात्मक परिणाम  निखर कर आए हैं। डॉ जैकब ने बताया विगत वर्ष जून माह तक 3919404 घन मीटर बालू/मौरंग का भंडारण हुआ था ,इस वर्ष 23 जून तक ही 6144847 घनमीटर बालू /मौरंग का भंडारण किया गया है बताया कि वर्ष 2019-20 में 1281069 घनमीटर, वर्ष 2020-21 में 2419837 घन मीटर और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 4759194 घन मीटर से अधिक मौरंग का भण्डारण कराया गया है और अभी भण्डारण किया जा रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना और वर्ष 2019-20 की तुलना में 4 गुना अधिक है। खास बात यह है कि गत वर्ष 2419837 मौरंग का भण्डारण 15 जनपद में किया गया था, इस बार 12 जनपदों में ही गत वर्ष से दोगुना भण्डारण सुनिश्चित करा लिया गया है। जिन जनपदों में भण्डारण कराया गया है उनमे झांसी, जालौन, फतेहपुर, कौशांबी, चित्रकूट, बांदा  हमीरपुर, अयोध्या, लखनऊ, उन्नाव कानपुर नगर व सोनभद्र शामिल है, इसमें सबसे अधिक भंडारण जनपद जालौन में 1635000 घन मीटर हुआ है तथा सबसे कम अयोध्या में 250 घनमीटर हुआ है। प्रदेश में बालू का भी पर्याप्त मात्रा में 1099941 घन मीटर से अधिक का भंडारण करा लिया गया है गत वर्ष 1068625 घनमीटर ही इसका भंडारण हो पाया था। बालू का भंडारण प्रदेश के 26 जनपदों में हुआ है। इसके अलावा 285712 घनमीटर आरबीएम का भण्डारण भी सुनिश्चित करा लिया गया है। ज्ञातव्य है कि मानसून अवधि जुलाई, अगस्त व सितंबर मे नदी तल से खनन प्रतिबंधित रहता है। राज्य सरकार द्वारा खनन कार्य/उद्यम को प्रोत्साहित करने व जनता को आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से अधिक से अधिक भण्डारण की व्यवस्था सुनिश्चित करायी गयी है।

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने जनपद मुजफ्फरनगर में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए पीडियाट्रिक किट वितरण किया

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने जनपद मुजफ्फरनगर के गांधी कालोनी स्थित गांधी वाटिका में मुख्यमंत्री के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड 19 की तीसरी सम्भावित लहर के दृष्टिगत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए पीडियाट्रिक किट वितरण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश मे 3टी ट्रेस, ट्रेक तथा ट्रीट अभियान के साथ-साथ आंशिक कोराना कर्फ्यू, टीकाकरण अभियान से प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है। प्रदेश में कोविड संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु रात्रिकालीन कर्फ्यू तथा साप्ताहिक बंदी जारी है। उन्होने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के समय में जीवन और जीवका बचाने के उद्देश्य से औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियां चालू रखी गयी थी। अग्रवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश मे संक्रमण कम हुआ लेकिन अभी समाप्त नही हुआ, इसलिए सभी लोग सावधानी बरते तथा टीकाकरण अवश्य करवायें।

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने जनपद मुजफ्फरनगर में विधायक निधि से निर्मित सड़क का बुजुर्ग व्यक्ति ऋषिपाल जी से करवाया शुभारंभ

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने जनपद मुजफ्फरनगर के ग्राम मखियाली में अपनी विधायक निधि से निर्मित सड़क का समाज के बुजुर्ग व्यक्ति ऋषिपाल से शुभारंभ करवाया। विधायक निधि योजना अंतर्गत ग्राम मखियाली में हरिजन बस्ती में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा के पास सी.सी. रोड एवं नाली की दीवार की विशेष मरम्मत कार्य का लोकार्पण मंत्री द्वारा किया गया। इसके बाद मंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनका हाल चाल जाना। उन्होंने लोगो को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के बारे में विस्तृत रूप से बताया। अग्रवाल इसके बाद संविधान रचियता डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यर्पण किया।

विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर विभिन्न श्रेणी के राज्य स्तरीय पुरस्कार-2021 के लिए आमंत्रण

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक अनूप कुमार ने सर्व साधारण को सूचित किया  है कि 03 दिसम्बर, 2021 को ‘विश्व दिव्यांग दिवस’ के अवसर पर विभिन्न श्रेणी के राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि पुरस्कारों हेतु 12 विभिन्न श्रेणियों की व्यवस्था की गयी है तथा पुरस्कार की धनराशि रुपये 5000/- से बढ़ाकर रुपये 25000/- कर दी गयी है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक ने बताया कि दक्ष दिव्यांग कर्मचारियों/स्वनियोजित दिव्यांगजन, सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता तथा सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेन्ट अधिकारी या एजेंसी, सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति/सर्वश्रेष्ठ संस्था, प्रेरणास्रोत, सृजनशील दिव्यांग बालक/बालिका, दिव्यांग खिलाड़ियों, दिव्यांगजन हेतु बाधारहित वातावरण के सृजन हेतु सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए, दिव्यांगजन को पुनर्वास सेवायें प्रदान करने वाले सर्वश्रेष्ठ जिला इत्यादि श्रेणी के राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। राज्य स्तरीय पुरस्कार के संबंध में विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट अथवा हेल्पलाइन नं0 1800-180-1995 से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इच्छुक व्यक्ति द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु आवेदन समस्त प्रपत्रों के साथ जनपद स्तर पर 15 जुलाई, 2021 तक जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा किये जायेंगे तत्पश्चात जिलाधिकारी की संस्तुति से अन्तिम तिथि 10 अगस्त,2021 तक निदेशालय, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, कक्ष संख्या-1010, दसम् तल, इन्दिरा भवन, अशोक मार्ग, हजरतगंज, लखनऊ में उपलब्ध कराये जा सकते हैं।

13 प्रमुख मार्गों के चालू कार्यो हेतु 76 करोड़ 90 लाख 76 हजार की धनराशि की गई अवमुक्त

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में 13 राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के स्वीकृत, चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के चालू कार्य हेतु विभिन्न शर्तों के अधीन रू० 76 करोड़ 90 लाख 76 हजार की धनराशि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अवमुक्त की गई है। इस संबंध में आवश्यक शासनादेश उत्तर प्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किया गया है। यह कार्य हमीरपुर, बरेली, अयोध्या, कानपुर नगर अमेठी, कुशीनगर गोंडा, फिरोजाबाद व गोरखपुर जनपदों में चल रहे हैं। जारी शासनादेश में प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि चालू कार्यो हेतु आवंटित धनराशि का व्यय/उपयोग वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों ज्ञापन तथा बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों/स्थाई आदेशों आदि का अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता व मानको का विशेष रुप से ख्याल रखा जाए तथा निर्धारित समय सीमा के अंदर सभी कार्य अनिवार्य रूप से पूरे कराये जायें।

प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री निर्विरोध चुने गये जिला पंचायत अध्यक्षों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी

प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने उत्तर प्रदेश में निर्विरोध चुने गये जिला पंचायत अध्यक्षों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष संबंधित जिलों में जनमानस की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे, ऐसी मैं कामना करता हूँ।

सहकारिता मंत्री मृतक आश्रितों को वितरित करेंगे नियुक्ति पत्र

प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा कल दिनांक 28 जून 2021 को अपराहन 1 बजे पीसीयू सभागार निकट बापू भवन के सामने सहकारिता विभाग एवं उनकी शीर्ष संस्थाओं/उत्तर प्रदेश राज्य भंडारागार निगम में कार्यरत कर्मचारियों/अधिकारियों की मृत्यु होने के कारण उनके परिवार के आश्रितों को मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इसके बाद सहकारिता मंत्री श्री वर्मा अपराहन 4 बजे उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड 10-मॉल एवेन्यू लखनऊ स्थित मुख्यालय सभागार में मृतक अधिकारियों/कर्मचारियों के परिवार के आश्रितों को मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। यह जानकारी सहकारिता विभाग द्वारा एक पत्र के माध्यम से दी गई है।

सीमा पर तैनात भारतीय सेना/वायु सेना/नौ सेना अथवा केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत कर्मियों की पत्नी/पति को मिलेगा स्थानान्तरण में लाभ

अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों तथा प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों के स्थानान्तरण सत्र 2021-22 में ऑनलाइन पारदर्शी नीति अपनाते हुए स्थानांतरण किये जायेंगे। विगत वर्षो की भाँति राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के कार्य संतुष्टि को अधिकतम करने तथा छात्र एवं शैक्षिक हित संरक्षित करने के लिए स्थानांतरण में पारदर्शिता, समानता एवं मांग आधारित उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन स्थानान्तरण नीति लागू की गई है। अपर मुख्य सचिव ने बताया की वेबसाइट पर प्रदर्शित रिक्तियों के सापेक्ष प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक अधिकतम 05 विकल्पों का वरीयता क्रम में चयन कर सकते हैं। स्थानान्तरण हेतु निर्धारित मानक एवं गुणांक के आधार पर प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों का वरीयताक्रम तैयार किया जायेगा। इसी आधार पर ऑनलाइन स्थानान्तरण आदेश जारी किये जायेंगे। ऐसे शिक्षक जो दिनांक 15 जुलाई 2021 को 01 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं, वह शिक्षक आनलाइन स्थानान्तरण हेतु आवेदन कर सकेंगे। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि जिनके पति/पत्नी भारतीय सेना/वायु सेना/नौ सेना अथवा केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलोंः- जैसे ब्त्च्थ्, प्ज्ठच्  तथा ठैथ् में कार्यरत हैं तथा सीमा पर तैनात हैं, को स्थानान्तरण में गुणांक का लाभ प्रदान किया जायेगा। इसी प्रकार स्वयं कैंसर/एच0आई0वी0 (एडस)/किडनी/लीवर गम्भीर रोग ग्रस्त होने की स्थिति में, आयु 31 मार्च को 58 वर्ष पूर्ण होने की स्थिति में, यदि पति/पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं, को एक ही जनपद/नगर/स्थान पर, इसमें अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय/महाविद्यालय/बेसिक शिक्षा के अधीन कार्यरत अध्यापकों को भी उक्त मानक के अन्तर्गत उसी तरह गुणांक का लाभ दिया जायेगा। इस प्रक्रिया में दिव्यांग को गुणांक का लाभ प्रदान करने के साथ ही किसी शिक्षक के पत्नी/पति/बच्चे किसी दुर्घटना में शारीरिक रूप से अपंग/दिव्यांग हैं या कैंसर/एच0आई0वी0 (एडस)/किडनी/लीवर गम्भीर रोग ग्रस्त को भी स्थानान्तरण में गुणांक का लाभ प्रदान किया जायेगा। शुक्ला ने बताया कि स्थानान्तरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया आनलाइन होगी। शिक्षकों को आनलाइन आवेदन के प्रत्येक स्तर पूर्ण होने पर मोबाइल में संदेश भेजा जायेगा। स्थानान्तरण आदेश निर्गत होने का संदेश भी उनके मोबाइल पर प्राप्त होगा जिससे वह अपने लॉगिन से स्थानान्तरण आदेश डाउनलोड कर सकेंगे। स्थानान्तरण हेतु इच्छुक अभ्यर्थी 28 जून 2021 से 02 जुलाई, 2021 तक वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जिला प्रभारी मंत्री बिजनौर द्वारा 01 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए मेडिकल किट्स निगरानी समितियों को किया गया वितरण

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)/जिला प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल द्वारा कोविड-19 से बचाव एवं नियंत्रण के लिए निगरानी समितयों के माध्यम से आज पूर्वान्ह 10 बजे मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में औषधि किट्स का वितरण किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर के दृष्टिगत प्रदेश के नागरिकों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए किए जा रहे सतत् प्रयासों के क्रम में 0 से 01 वर्ष, 01 से 05 वर्ष, 05 से 12 तथा 12 से 18 वर्ष के बच्चों को इस वायरस से बचाव एवं सुरक्षा के लिए शहर तथा ग्राम स्तर पर गठित निगरानी समितियों के माध्यम से घर-घर सर्वे कर बुखार एवं सांस लेने में दिक्कत महसूस करने वाले बच्चों को चिन्हित कर आयु के हिसाब से उन्हें औषधि किट उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कोविड-19 से बचाव एवं नियंत्रण के दृष्टिगत बच्चों के कोविड उपचार के लिए दवाईयों की किट्स को प्रतीकात्मक रूप से निगरानी समितियों को वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिला बिजनौर में भी इस कार्याक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य को कोविड-19 वायरस से प्रदेश के नागरिकों को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखने तथा शासन द्वारा उत्तर प्रदेश को कोरोना मुक्त प्रदेश बनाने के लिए निरन्तर रूप से सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा 45 वर्ष से अधिक तथा 18 वर्ष आयु से अधिक लोगों के लिए कोविड टीकाकरण का कार्य युद्वस्तर पर प्रगति पर है और 01 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए दावाईयों पर आधारित किट्स तैयार की गई हैं, जिनको निगरानी समितियों के माध्यम से घर-घर सर्वे कर बुखार से पीड़ित बच्चों को वितरित किया जाएगा।

राज्य सड़क निधि से 345 मार्गों के चालू कार्य के लिए 2 अरब 41 करोड़ 57 लाख 38 हजार की धनराशि का किया गया आवंटन

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा राज्य सड़क निधि से प्रदेश विभिन्न जिलों के 325 मार्गों के चालू कार्यों हेतु रू० 02 अरब 41 करोड़ 57 लाख 38 हजार की धनराशि अवमुक्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में आवश्यक शासनादेश उत्तर प्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यों को निर्धारित एवं अनुमोदित मानकों में विशिष्टियो के अनुरूप संपादित कराया जाए ताकि उच्चगुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।





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