नौकरी घोटाले में पूर्व मंत्री KN Nehru के 25 ठिकानों पर DVAC का छापा

तमिलनाडु के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने 634 करोड़ रुपये के कथित नौकरी घोटाले में द्रमुक नेता के एन नेहरू के ठिकानों पर तलाशी ली। मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश पर दर्ज मामले के बाद यह कार्रवाई की गई, जिसमें अधिकारी वित्तीय रिकॉर्ड और सबूत जुटा रहे हैं।
तमिलनाडु के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने 634 करोड़ रुपये के कथित ‘नौकरी के बदले पैसे’ घोटाले के सिलसिले में पूर्व मंत्री एवं द्रमुक नेता के एन नेहरू से जुड़े 25 ठिकानों पर छापेमारी अभियान चलाया। मद्रास उच्च न्यायालय के हालिया निर्देश पर नेहरू एवं अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था।
ईडी ने सबसे पहले अक्टूबर 2025 में तमिलनाडु पुलिस को कथित अनियमितताओं की जानकारी दी थी। डीवीएसी के अनुसार, जांच इस आरोप पर केंद्रित है कि नेहरू के मंत्री रहने के दौरान नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति (एमएडब्ल्यूएस) विभाग में सरकारी पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से कथित तौर पर व्यवस्थित तरीके से रिश्वत वसूली गई थी। डीवीएसी के अधिकारी तलाशी के दौरान संबंधित ठिकानों से दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटा रहे हैं।
जांच का उद्देश्य कथित भर्ती घोटाले से जुड़े सबूत एकत्र करना और यह पता लगाना है कि रिश्वत की रकम का लेनदेन किस तरह किया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब नेहरू ने एक दिन पहले मद्रास उच्च न्यायालय के 26 अक्टूबर के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की थी। उच्च न्यायालय ने 26 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज किए जाने के खिलाफ नेहरू की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी।
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