Shimla के पूर्व SSP Sanjeev Gandhi पर 2.35 लाख रुपये के गबन का केस दर्ज

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शिमला पुलिस ने कैथू पुलिस लाइंस के एक कांस्टेबल की शिकायत पर अपने ही पूर्व एसएसपी संजीव कुमार गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि दो साल के दौरान जिला पुलिस कोष से 2.35 लाख रुपये अवैध रूप से निकाले गए और कांस्टेबल को उसके द्वारा खर्च किए गए पैसे वापस नहीं दिए गए। वर्तमान एसएसपी गौरव सिंह के अनुसार भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

शिमला पुलिस ने सरकारी कोष से 2.35 लाख रुपये के गबन और एक पुलिस कांस्टेबल से धोखाधड़ी के आरोप में शहर के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजीव कुमार गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, कैथू पुलिस लाइंस में तैनात एक कांस्टेबल की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया।

उसने बताया कि कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि उसे सरकारी कार्यों के लिए अपने निजी खाते से खर्च करने को कहा गया था और बाद में राशि लौटाने का आश्वासन दिया गया था। शिकायत के मुताबिक, कांस्टेबल ने अपने खाते से 1,87,890 रुपये खर्च किए और संबंधित बिल कार्यालय में जमा कराए तथा इन बिल की जांच के बाद भुगतान को मंजूरी दे दी गई थी। कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि छह फरवरी, 2026 को शिमला के तत्कालीन एसएसपी गांधी ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया और भुगतान वाउचर पर उसके हस्ताक्षर लिए।

उसे कथित तौर पर बताया गया कि भुगतान प्रक्रिया पूरी करने के लिए हस्ताक्षर जरूरी हैं और मंजूर राशि बाद में उसके खाते में जमा कर दी जाएगी। हालांकि, कांस्टेबल के अनुसार, उसे यह रकम नहीं मिली। पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल ने इस साल जुलाई में शिकायत दर्ज कराने के बाद भुगतान की स्थिति जानने के लिए लेखा शाखा से संपर्क किया।

उसने बताया कि वहां कांस्टेबल को पता चला कि राशि पहले ही निकाल ली गई थी, लेकिन उसके खाते में जमा नहीं की गई। शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने कहा, जांच में सामने आया कि करीब दो साल की अवधि में जिला पुलिस कोष से कुल 2.35 लाख रुपये अवैध रूप से निकाले गए थे।

आरोप है कि तत्कालीन एसएसपी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि इस राशि का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, जिसके कारण कोष में कमी पाई गई। सिंह ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है। हालांकि, संपर्क किए जाने पर गांधी ने कहा कि उन्हें अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की कोई जानकारी नहीं है।

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