रामधुन की राजनीति पर बरसे बीजेपी के पूर्व मंत्री, कहा - एक हिंदू के नाते मेरा मन तो क्षुब्ध है

रामधुन की राजनीति पर बरसे बीजेपी के पूर्व मंत्री, कहा - एक हिंदू के नाते मेरा मन तो क्षुब्ध है

राजनीतिक स्टंट के लिए कृपया राम जी या श्री राम संकीर्तन का उपयोग करने का पाप न कीजिए ,प्रोपेगंडा के लिए कुछ और तरीक़े भी ईजाद कर लीजिए ।

भोपाल। राजधानी भोपाल में बीजेपी और कांग्रेस की 'घुटना तोड़ राजनीति' में उफान आ गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीजेपी विधायक रामेश्वर के निवास पर 24 नवंबर को 1 घंटे रामधुन करने के ऐलान किया था। जिसके बाद विधायक रामेश्वर शर्मा ने मालवीय नगर स्थित अपने निवास युवा सदन पर स्वागत द्वार तैयार कराया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें:आदिवासियों को साधने में लगे है दोनों दल, उठ रहे है कई सवाल 

दरअसल बुधवार को बीजेपी के विधायक रामेश्वर शर्मा की सद्बुद्धि के लिए रामधुन करने जा रहे राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। इसके बाद दिग्विजय सिंह व उनके साथ आए हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर ही 'रघुपति राघव राजा राम' भजन का गान करते दिखे। पुलिस को आगे करने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा है कि गांधीगीरी ने भाजपाइयों को घुटने पर ला दिया है।

उधर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि हम तो दिग्विजय सिंह और उनके साथियों का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वे खुद नहीं आए। हम तो यहां हलवा पूड़ी बनाकर रखे हुए हैं। पुलिस लगाने की बात पर शर्मा ने कहा कि रामभक्तों को कौन रोक सकता है। रामभक्तों के लिए तो खुद भगवान राम रास्ते बनाते हैं।

इसे भी पढ़ें:गृह मंत्री ने जताई दिग्विजय सिंह के लिए चिंता, कहा - कहीं इनके खिलाफ फतवा न जारी हो जाएं 

वहीं इस पूरी घटनाक्रम को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जय भान सिंह पवैया ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि राजनीतिक स्टंट के लिए कृपया राम जी या श्री राम संकीर्तन का उपयोग करने का पाप न कीजिए ,प्रोपेगंडा के लिए कुछ और तरीक़े भी ईजाद कर लीजिए । भोपाल में आज इस पवित्र संकीर्तन को ढाल बनाकर जो कुछ हो रहा है उससे एक हिंदू के नाते मेरा मन तो क्षुब्ध है ।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।