एक्सप्रेस-वे पर मुफ्त सफर पर एक अप्रैल से लग सकता है ब्रेक,एक अप्रैल से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर चलने पर चुकाना पड़ेगा टोल

एक्सप्रेस-वे पर मुफ्त सफर पर एक अप्रैल से लग सकता है ब्रेक,एक अप्रैल से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर चलने पर चुकाना पड़ेगा टोल

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर एक अप्रैल से होगी टोल वसूली जारी हुई बढ़ी हुई टोल दर। आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर के आधार पर फास्टैग काटेगा टोल-कैश लेन नहीं होगा सिर्फ फास्टैग या फिर जुर्माना देकर होगा प्रवेश-निकास। सभी तैयारियां कर ली हैं।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। NHAI ने शुक्रवार शाम इस बाबत अधिकारिक सूचना जारी कर दी है। टोल दरें भी तय कर दी गई हैं। जैसा अनुमान लगाया जा रहा था, वैसा ही हुआ। टोल दरें बढ़ा दी गई हैं। लोगों को मेरठ से दिल्ली तक सफर करने के लिए कम से कम 155 रुपए चुकाने होंगे। पहले यह टोल दरें 140 रुपए तक रखने का प्रस्ताव था। इस एक्सप्रेस-वे पर दोनों तरफ रोजाना करीब 80 हजार गाड़ियां चल रही हैं, जिन्हें अब टोल देना ही होगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर मेरठ के परतापुर में खत्म हुआ है। इसकी दूरी करीब 60 किलोमीटर है। एक अप्रैल 2021 को इस एक्सप्रेस-वे को आम जनता के लिए खोल दिया गया था। टोल प्लाजा शुरू करने के लिए कई बार तारीखें तय हुईं, लेकिन हर बार स्थगित हो गईं। टोल वसूलने की जिम्मेदारी जीआर इंफ्रा कंपनी को मिली है। टोल वसूली एक अप्रैल से शुरू होगी, लेकिन इसका ट्रायल 28 मार्च से शुरू होने की उम्मीद है।

इस एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर के आधार पर साफ्टवेयर यह पता कर लेगा कि वाहन ने कहां प्रवेश किया था और कहां पर निकास हो रहा है। उसी आधार पर फास्टैग खाते से टोल कटेगा। पूरे एक्सप्रेस-वे पर किसी भी हिस्से में कैश लेन नहीं है। सभी लेन पर फास्टैग से ही प्रवेश व निकास होगा। हालांकि यदि किसी के पास फास्टैग नहीं है तो वह पूरी दूरी का दोगुना टोल देकर प्रवेश व निकास कर सकेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि ट्रायल पहले ही हो चुका था। संबंधित उपकरण लगाए जा चुके हैं। अब संबंधित कंपनी टोल वसूली शुरू करेगी।

यदि कोई मेरठ से दिल्ली तक जाता है तो उसे एक तरफ का टोल 155 रुपये देने होंगे और वापस लौटने पर भी 155 रुपये चुकाने होंगे। मगर यदि कोई 24 घंटे के अंदर ही वापस लौट आता है तो उसका टोल सिर्फ डेढ़ गुना ही कटेगा। टोल वसूली शुरू होने के साथ मासिक पास बनाने की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। मासिक पास के नियम के अनुसार यात्रा करने वालों को दो तिहाई टोल देना होगा। जो लोग दिल्ली से डासना के बीच कहीं से भी प्रवेश करते हैं या कहीं भी निकास करते हैं तो उन्हें टोल नहीं देना होगा। यह उनके लिए फायदेमंद हो जाएगा जो किसी अन्य मार्ग से आकर या जाकर इस हिस्से का इस्तेमाल करेंगे।





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