• समाजवादी पार्टी का आरोप, मुख्यमंत्री के गृह जनपद में व्याप्त है जंगलराज

यह कहते हुए शैलेंद्र यादव को पुलिस ने छोड़ दिया और धर्मेंद्र यादव को अपहरण करके कहीं अज्ञात स्थान पर ले गए। जिला पंचायत अध्यक्ष का पर्चा भरने के लिए धर्मेंद्र यादव ने भी नामांकन पत्र खरीदा था जिसको रोकने के लिए ही यह षडयंत्र रचा गया।

 गोरखपुर। वार्ड नंबर 16 से जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र यादव का रेलवे के पास उनकी दुकान से पुलिस ने स्विफ्ट कार से किया अपहरण। पहले उनके भाई शैलेंद्र यादव को उनके राप्तीनगर निवास से कस्टडी में  लिया गया और फिर धर्मेंद्र यादव का अपहरण करने के बाद पुलिस ने कौवा बाग पुलिस चौकी के पीछे शैलेंद्र को यह कहते हुए छोड़ा कि हम लोग दबाव में इनको गिरफ्तार किए हैं। कल शाम तक छोड़ देंगे और अगर ज्यादा हल्ला करोगे तो अंजाम भुगतने को तैयार रहना। 

यह कहते हुए शैलेंद्र यादव को पुलिस ने छोड़ दिया और धर्मेंद्र यादव को अपहरण करके कहीं अज्ञात स्थान पर ले गए। जिला पंचायत अध्यक्ष का पर्चा भरने के लिए धर्मेंद्र यादव ने भी नामांकन पत्र खरीदा था जिसको रोकने के लिए ही यह षडयंत्र रचा गया। सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा है कि वे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर और एडीजी जोन गोरखपुर को उक्त घटना से अवगत करा दिया है। सपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की दमनकारी रणनीति के खिलाफ यदि आवश्यकता पड़ा तो वे आंदोलन भी करेंगे और जन समर्थन भी हासिल करेंगे।