• मुख्यमंत्री ने विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान न्यास द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की सराहना की

आज विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान न्यास, पालमपुर के परिसर में आयोजित बैठक में यह बात कही। वर्ष 2005 में कायाकल्प में एक कलस्टर उपचार प्रणाली के अन्तर्गत योग, नेचुरोपेथी, पंचकर्म और फिजियोथेरेपी सेवाएं आरम्भ की गई थीं। उन्होंने कहा कि विवेकानंद अस्पताल को स्थापना की प्रारम्भिक अवधि में बहुत सारी बाधाओं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और वर्षों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2012 में इसे शुरू किया गया।

धर्मशाला मुख्यमंत्री एवं विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान न्यास (वीएमआरटी) के मुख्य संरक्षक जय राम ठाकुर ने विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान न्यास (वीएमआरटी) द्वारा जनता को प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर खुशी व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और अन्य ट्रस्टियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में न्यास द्वारा अपने परिसर में लोगों को दो प्रमुख सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। शांता कुमार ने दशकों पहले क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का सपना संजोया था और वर्तमान में ट्रस्ट के माध्यम से उन्होंने यह साबित किया है कि यदि नेक और पवित्र हृदय से उद्देश्य तय किए जाएं, तो इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है।

उन्होंने आज विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान न्यास, पालमपुर के परिसर में आयोजित बैठक में यह बात कही। वर्ष 2005 में कायाकल्प में एक कलस्टर उपचार प्रणाली के अन्तर्गत योग, नेचुरोपेथी, पंचकर्म और फिजियोथेरेपी सेवाएं आरम्भ की गई थीं। उन्होंने कहा कि विवेकानंद अस्पताल को स्थापना की प्रारम्भिक अवधि में बहुत सारी बाधाओं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और वर्षों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2012 में इसे शुरू किया गया।

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उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि हिमाचल प्रदेश में कायाकल्प पहला आयुष अस्पताल है जिसे अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता हेतू राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) द्वारा अनुशंसा प्रदान की गई है। इस अस्पताल ने जीवनशैली से संबंधित रोगों के उपचार में देश-विदेश में अच्छा नाम कमाया है। क्षेत्र के लोगों को उनके घर-द्वार के निकट उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर आपात स्थिति में बड़ी संख्या में बहुमूल्य मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रहा है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें शांता कुमार की नई परियोजना के संकल्प के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है, जिसकी आधारशिला रखी जा चुकी है। इस परियोजना के अन्तर्गत विश्रांति नाम से वयोवृद्ध सेवा केंद्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र आपातकालीन चिकित्सा और वृद्धावस्था देखभाल प्रणाली में वृद्धजनों के लिए सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस केंद्र के शीघ्र संचालन की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस ट्रस्ट के सुचारू संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। यहां एमआरआई की सुविधा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और आवश्यकता के समय हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

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जय राम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि वीएमआरटी द्वारा दो माह के भीतर कैथलैब स्थापित करने संबंधी रूप रेखा तैयार कर ली जाएगी। परिसर में शहीद सौरभ कालिया नर्सिंग काॅलेज और धर्मगुरू दलाईलामा की इच्छानुसार कैलाश ब्लाॅक के माध्यम से चिकित्सा और स्वास्थ्य गतिविधियों में नए चरण की शुरूआत होगी।

स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई एकीकृत स्वास्थ्य सुविधाओं की अवधारणा को वीएमआरटी ने साकार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को हिमाचल प्रदेश की पात्र व्यस्क आबादी के कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक का शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बधाई दी।

पूर्व मुख्यमंत्री और वीएमआरटी के अध्यक्ष शांता कुमार ने बैठक में उपस्थित जय राम ठाकुर और अन्य लोगों का स्वागत किया। उन्होंने विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान ट्रस्ट की स्थापना के इतिहास को स्मरण करते हुए वर्तमान में चल रही बैठक को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने इस स्वास्थ्य संस्थान की स्थापना के दौरान आई कठिनाइयों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि विश्रांति, वयोवृद्ध सेवा सहयोग केंद्र में सभी बुनियादी, उन्नत और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

जय प्रकाश सेवा संस्थान के संस्थापक जे.पी. गौड ने हिमाचल प्रदेश में एक उद्यमी के रूप में अपनी यात्रा को सांझा किया। उन्होंने कहा कि शांता कुमार का सपना साकार हो गया है। वीएमआरटी के प्रबन्ध ट्रस्टी मनोज गौड ने बैठक का संचालन करते हुए ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री व अन्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वीएमआरटी में निर्धारित अवधि के अंदर कैथ लैब आरम्भ हो जाएगी।

मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, ट्रस्टी बी.बी. सिंह, विनोद शर्मा, ले. जनरल डाॅ. मनोज लुथरा (सेवानिवृत्त), रेखा दीक्षित, के.सी. शर्मा, सुनील शर्मा और डाॅ. संजीव सूद भी बैठक में उपस्थित थे।