Himanta Biswa Sarma Birthday: Congress से बगावत कर BJP में एंट्री, कैसे Northeast के 'चाणक्य' बने Himanta Biswa Sarma

Himanta Biswa Sarma Birthday
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आज यानी की 01 फरवरी को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत की थी। हिमंत बिस्वा सरमा साल 2021 से असम के 15वें और वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।

आज यानी की 01 फरवरी को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत की थी। हिमंत बिस्वा सरमा साल 2021 से असम के 15वें और वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। सीएम बनने से पहले सरमा राज्य में कैबिनेट मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। वह भाजपा के उन नेताओं में आते हैं, जोकि एक राज्य के मुख्यमंत्री रहते हुए देश के नेशनल मीडिया में हेड लाइन बने रहते हैं। इसके साथ ही वह भारतीय जनता पार्टी के सबसे दमदार नेताओं में गिने जाते हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर हिमंत बिस्वा सरमा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और शिक्षा

असम के जोरहाट में 01 फरवरी 1969 को हिमंत बिस्वा सरमा का जन्म हुआ था। उन्होंने अपनी शुरूआती शिक्षा असम से की। वह साल 1990 में गुवाहाटी के कॉटन कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया। फिर साल 1992 में उन्होंने राजनीतिक विज्ञान से एम.ए किया। फिर कानून में स्नातक की उपाधि हासिल की। साल 2006 में सरमा ने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट किया।

राजनीतिक सफर

साल 1991 में हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस से अपनी राजनीति की शुरूआत की थी। वह साल 2001 में पहली बार जालुकबारी सीट से कांग्रेस टिकट पर विधायक बने। फिर लगातार 2006 तक और 2011 तक जीत हासिल की। साल 2011 का चुनाव कांग्रेस में उनका लास्ट विधानसभा चुनाव था। उस गदौरान वह तरुण गोगोई सरकार में शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त और कृषि जैसे अहम मंत्रालयों के प्रभारी थे। हेमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस के सबसे प्रभावी चेहरों में गिने जाते थे।

कांग्रेस का छोड़ा साथ

साल 2011 के बाद कांग्रेस में हिमंत और तत्कालीन सीएम तरुण गोगोई के बीच मतभेद बढ़ने लगे। सरमा का मानना था कि गोगोई की पकड़ कमजोर पड़ रही है और पार्टी नई नेतृत्व पीढ़ी को आगे लाने में हिचक रही है। वहीं लंबे समय तक चलने वाले खींचतान के बाद सरमा ने साल 2015 में कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ दिया।

BJP में हुए शामिल

हिमंत बिस्वा सरना 23 अगस्त 2015 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा ने उनकी एंट्री से न सिर्फ असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर की राजनीति का समीकरण बदल दिया। साल 2016 में वह बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर फिर से जालुकबारी से जीते और सर्बानंद सोनोवाल की सरकार में मंत्री बने। फिर वह बीजेपी के पूर्वोत्तर अभियान में मुख्य रणनीतिकार बन गए।

असम के मुख्यमंत्री

साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की वापसी के बाद हिमंत बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता चुना गया और वह असम के मुख्यमंत्री बनें। वह आज बीजेपी के लिए पूर्वोत्तर की राजनीति में का सबसे बड़ा चेहरा हैं।

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