नीरव मोदी के भारत आने की उम्मीदें बढ़ी, भगोड़े कारोबारी को ब्रिटिश कोर्ट से लगा एक और झटका

नीरव मोदी के भारत आने की उम्मीदें बढ़ी, भगोड़े कारोबारी को ब्रिटिश कोर्ट से लगा एक और झटका

अदालत ने नीरव मोदी के आवेदन को खारिज कर दिया। अब नीरव अदालत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपली नहीं कर सकेगा। पंजाब नेशनल बैंक के 14000 रुपये के धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी ने लंदन हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की थी।

ब्रिटिश उच्च न्यायालय ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने के आवेदन को खारिज कर दिया। भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी ने ब्रिटिश हाईकोर्ट में अपील करते हुए कहा था कि वो भारत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अदालत में अपील करना चाहता है। लेकिन अदालत ने नीरव मोदी के आवेदन को खारिज कर दिया। अब नीरव अदालत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपली नहीं कर सकेगा। पंजाब नेशनल बैंक के 14000 रुपये के धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी ने लंदन हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की थी। इसी साल 15 अप्रैल को ब्रिटिश ग्रह सचिव प्रीति पटेल ने नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किए जाने को अपनी मंजूरी दी थी।

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से वसूले 18 हजार करोड़

पीएनबी घोटाले में शामिल भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने “अपनी कंपनियों क जरिए निधि की हेरा-फेरी कर सरकारी बैंकों के साथ धोखाधड़ी की जिससे बैंकों को कुल 22,585.83 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।” ईडी ने कहा कि अब तक एजेंसी ने इन दो बैंक धोखाधड़ी मामलों में कुल 18,170 करोड़ रुपये की कीमत की संपत्तियां कुर्क की हैं।

2019 में घोषित हुआ भगोड़ा

विशेष अदालत ने दिसंबर 2019 में नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर ऐसा किया गया था जो इस मामले में जांच कर रहा है। नीरव मोदी को प्रत्यर्पण वारंट पर 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार किया गया था। 





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