Jammu-Kashmir से हर तरह के आतंकवाद का जल्द ही पूरी तरह होगा सफाया, IGP Tejinder Singh ने कर दिया बड़ा ऐलान

जम्मू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आईजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस अपने अभियान को लगातार तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में आतंकवादियों के साथ-साथ उन्हें मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क को भी निशाना बनाया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और नशे के काले कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां अब और आक्रामक रुख अपनाने जा रही हैं। जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के पूरे तंत्र को निशाना बनाया जाएगा और इलाके में छिपे आतंकवादियों को ढूंढ़ निकालकर उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की तस्करी और आतंकवाद को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले ‘नार्को-टेररिज्म’ नेटवर्क पर भी शिकंजा और कसने की तैयारी है।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जम्मू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आईजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस अपने अभियान को लगातार तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में आतंकवादियों के साथ-साथ उन्हें मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क को भी निशाना बनाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सुरक्षा ग्रिड को और प्रभावी बनाया जाएगा।
आतंकियों के मददगारों पर भी कसेगा शिकंजा
तेजिंदर सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में आतंकवादी संगठनों में भर्ती के मामलों में कमी आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। आतंकवाद के तंत्र को कमजोर करने और छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल आतंकवादी घटनाओं को रोकना ही नहीं, बल्कि उन नेटवर्क को भी ध्वस्त करना है, जो आतंकियों को संसाधन, सहायता और आर्थिक मदद मुहैया कराते हैं।
नशे के सौदागर भी आतंकियों से कम खतरनाक नहीं
आईजीपी ने मादक पदार्थों की तस्करी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए तस्करों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोग, खासकर पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की तस्करी करने वाले, पुलिस के लिए आतंकवादियों से कम खतरनाक नहीं हैं। पुलिस अब नशे के नेटवर्क पर अपनी निगरानी और तेज करेगी तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि नशे से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा सकता है। ऐसे में ‘नार्को-टेररिज्म’ के खिलाफ लड़ाई केवल नशे की तस्करी रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि आतंकवाद की आर्थिक ताकत को तोड़ने की भी लड़ाई है।
2029 तक नशे के खतरे को खत्म करने का लक्ष्य
तेजिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नशे के खतरे से निपटने पर जोर दिया है। उन्होंने 2029 तक नशे के खिलाफ तय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अभियान तेज करने की बात कही। पुलिस तस्करी के नेटवर्क पर नजर रखने के साथ-साथ मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में संपत्तियों को जब्त करने और नशीले पदार्थों की बरामदगी की कार्रवाई भी जारी रखेगी।
आईजीपी ने शहजाद नार्को नेटवर्क और गैंगस्टर गतिविधियों समेत तस्करी के विभिन्न नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस इन पर कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे आतंकवाद, नशे की तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पुलिस हेल्पलाइन या सीधे पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, परिवारों के साथ खड़ा है बल
हम आपको यह भी बता दें कि पुलिस स्मृति दिवस पर तेजिंदर सिंह ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परेड की सलामी लेने के बाद रेल हेड इलाके में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने से बड़ा कोई बलिदान नहीं है और पुलिस बल शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।
आईजीपी ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सुरक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जम्मू-कश्मीर पुलिस का संदेश स्पष्ट है—आतंकवादियों, उनके मददगारों और नशे के कारोबार से आतंकवाद को ताकत देने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी।
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