जम्मू-कश्मीर में महौल बिगाड़ने की कोशिश, अज्ञात बदमाशों ने मंदिर में घुसकर तोड़ी भगवान की मूर्तियां

Jammu Kashmir
रेनू तिवारी । Apr 09, 2022 5:19PM
एक तरफ जहां पूरे देश में लाउडस्पीकर बैन करने की मांग हो रही हैं वहीं दूसरी तरफ खबरें आ रही हैं कि जम्मू कश्मीर में माहौल को बिकाड़ने की कोशिश हो रही हैं। ताजा अपडेट के अनुसार कुछ अज्ञात बदमाशों ने यहां एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की।

जम्मू। नवरात्रि की रौनक जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक होती हैं। पूरे देश में हिंदू देवी मां को खुश रखने के लिए मां की नौ दिनों तक आराधना करते हैं। हमारे देश में धर्म एक राजनीतिक विषय भी रहा हैं ऐसें में जब भी कोई मुद्दा धर्म से जुड़ा होता हैं वह राजनीतिक मुद्दा बन ही जाता है। एक तरफ जहां पूरे देश में लाउडस्पीकर बैन करने की मांग हो रही हैं वहीं दूसरी तरफ खबरें आ रही हैं कि जम्मू कश्मीर में माहौल को बिकाड़ने की कोशिश हो रही हैं। ताजा अपडेट के अनुसार कुछ अज्ञात बदमाशों ने यहां एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने एक मामला दर्ज किया और घटना की जांच शुरू कर दी।

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अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के बाहरी इलाके सिधरा में स्थित दशक भर पुराने मंदिर में देवी-देवताओं की क्षतिग्रस्त प्रतिमाएं पाई गईं। अधिकारियों ने बताया कि बीती रात बदमाशों ने मंदिर में तोड़फोड़ की। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘एक मामला दर्ज किया गया है और दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए जांच जारी है।

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इसे घाटी के सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की एक और कोशिश के रूप में देखा जा सकता है, कुछ उपद्रवियों ने जम्मू में एक मंदिर में तोड़फोड़ की है।हालांकि लोगों को शनिवार सुबह इसकी जानकारी हुई जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जहां पुलिस बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है, वहीं मंदिर में प्रवेश पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देवी-देवताओं की मूर्तियों को बुरी तरह से तोड़ दिया गया है और टुकड़ों में तोड़ दिया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी मामले में कानूनी कार्रवाई की है, जबकि फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम फिलहाल जांच के लिए नमूने एकत्र करने के लिए मौके पर पहुंच रही है।

विशेष रूप से, यह ऐसे समय में आया है जब नवरात्रि का त्योहार चल रहा है और इस तरह इस तरह की घटनाएं लोगों के बीच हिंसा और विरोध को भड़का सकती हैं। यह पहली बार नहीं है जब जम्मू मंदिर पर इस तरह का हमला किया गया हो। इससे पहले, मंदिर पर दो तरह के हमले किए गए थे जब मूर्तियों को तोड़ा गया था। इसके बाद मंदिर में नई मूर्तियां स्थापित की गईं।

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