पत्रकार गिरफ्तारी: कांग्रेस ने भाजपा पर प्रेस की आजादी को दबाने का आरोप लगाया

Journalist arrest congress accused bjp of suppressing the press freedom
कांग्रेस ने कथित जबरन वसूली के आरोप में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी मामले में भाजपा पर निशाना साधते हुए आज उस पर प्रेस की आजादी को दबाने का आरोप लगाया। पार्टी ने पत्रकार की तुरंत रिहाई की मांग की।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने कथित जबरन वसूली के आरोप में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी मामले में भाजपा पर निशाना साधते हुए आज उस पर प्रेस की आजादी को दबाने का आरोप लगाया। पार्टी ने पत्रकार की तुरंत रिहाई की मांग की। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने छत्तीसगढ़ के एक मंत्री के खिलाफ ‘‘सेक्स संबंधी गंभीर आरोपों’’ की न्यायिक जांच कराये जाने की मांग भी की। उन्होंने दावा किया कि पत्रकार इन आरोपों की जांच कर रहा था। उन्होंने गुजरात के एक पाटीदार नेता के उस आरोप की भी न्यायिक जांच कराये जाने की मांग की कि भाजपा ने उसे पार्टी में शामिल होने के लिए घूस दी। माकन ने वर्मा की गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी नीत केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार प्रेस की आजादी पर प्रहार करती रही है, उसे दबाती रही है...हम वर्मा की गिरफ्तारी की कड़ी भर्त्सना करते हैं और मांग करते हैं कि उन्हें फौरन रिहा किया जाना चाहिए।

साथ ही राज्य के संबंधित मंत्री के खिलाफ आरोपों की न्यायिक जांच करायी जानी चाहिए।’’ बीबीसी की हिन्दी सेवा एवं अमर उजाला में काम कर चुके वर्मा ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस उनसे खुश नहीं है क्योंकि उनके पास उस राज्य के मंत्री की ‘‘सेक्स सीडी’’ है। वर्मा को आज उनके गाजियाबाद स्थित आवास से छत्तीसगढ़ पुलिस ने तड़के करीब साढ़े तीन बजे गिरफ्तार किया। उन्हें ब्लैक मेलिंग और जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उनके आवास से करीब 500 सीडी, दो लाख रूपये नकदी, एक पैन ड्राइव, एक लैपटाप और एक डायरी बरामद की गयी। मीडियाकर्मियोकं पर हमलों के अन्य मामलों का उदाहरण देते हुए माकन ने कहा कि वर्मा की गिरफ्तारी को अकेले मामले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। वर्मा के एडीटर्स गिल्ड का सदस्य होने की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्हें देर रात उनके घर से इसलिए उठाया गया कि वह एक राज्य के मंत्री के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहे थे तो क्या कनिष्ठ पत्रकार इस तरह की खोजी पत्रकारिता वाली खबरों पर काम कर पायेगा।

उन्होंने गुजरात के पाटीदार नेता नरेन्द्र पटेल के आरोपों को लेकर भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी एवं दो अन्य पर इस सिलसिले में प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं हुई। पटेल ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ दल ने उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए घूस दिया। उन्होंने इस मामले में न्यायिक हिरासत की मांग की और चुनाव आयोग से इस मुद्दे का संज्ञान लेने को कहा। पटेल ने कल एक आडियो टेप जारी किया जिसमें उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में उनके सहयोगी वरूण पटेल के साथ टेलीफोन पर कथित बातचीत है। वरूण पटेल 21 अक्तूबर को हार्दिक पटेल नीत पाटीदार अनामत आंदोलन समिति को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गुजरात के वार्ड स्तर के एक कार्यकर्ता के साथ हुई बातचीत का आडियो टेप वायरल होने को लेकर मीडिया खबरों के बारे में ध्यान दिलाने पर माकन ने सुझाव दिया कि ‘‘आत्म प्रचार’’ के तहत यह क्लिप जानबूझकर ली की गयी हो सकती है।

माकन ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले की भी सराहना की जिसमें उसने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत की न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि शशि थरूर साहब के खिलाफ आरोप लगाने वालों को चुप रहना चाहिए। अब उनके पास कहने को कुछ रह नहीं गया है।

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