ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- भारतीय कंपनियों को अपने बेड़े में बड़े आकार वाले विमान शामिल करने होंगे

ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- भारतीय कंपनियों को अपने बेड़े में बड़े आकार वाले विमान शामिल करने होंगे

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा 2013-14 में सभी कंपनियों के पास कुल 400 विमान थे पिछले साल इनकी संख्या बढ़कर 710 हो गई। सिंधिया ने कहा कि भारत में पायलटों की संख्या इस समय 9000 से भी ज्यादा हैं। और इनमें 15 फीसदी महिला पायलट की हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उम्मीद जताई है कि कोविड के कारण  बुरी तरह प्रभावित हुए एयरलाइंस सेक्टर में फिर से अच्छे दिन लौट सकते हैं। विंग इंडिया 2022 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा अगर कंपनियां नई वैश्विक उड़ाने शुरू करना चाहती है तो उन्हें अपने विमानों की संख्या बढ़ानी होगी और अपने बेड़े में बड़े आकार वाले विमान शामिल करने होंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा अगर सब कुछ ठीक रहा तो भारतीय कंपनियों को अपने बेड़े में हर साल 110 से 120 नए विमान शामिल करने होंगे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अगले साल तक घरेलू यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा और वह रोजाना 4.10 लाख तक पहुंच जाएगी और 2024 25 तक यात्रियों की यह संख्या रिकॉर्ड स्तर पर होगी। उन्होंने कहा भारत के एयरलाइंस सेक्टर का बड़े पैमाने पर विस्तार हो रहा है। विमानन कंपनियों की संख्या में वृद्धि हुई है और एयरपोर्ट भी बढ़े हैं। ऐसे में कंपनियों को अपने बेड़े में नए विमान शामिल करने जरूरत होगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा 2013-14 में सभी कंपनियों के पास कुल 400 विमान थे पिछले साल इनकी संख्या बढ़कर 710 हो गई। सिंधिया ने कहा कि भारत में पायलटों की संख्या इस समय 9000 से भी ज्यादा हैं। और इनमें 15 फीसदी महिला पायलट की हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी से पहले देश में रोजाना 39 लाख घरेलू यात्री सफर करते थे, कोरोना के तीसरी लहर के दौरान इस संख्या में भारी कमी आई, और यह संख्या गिरकर मात्र 11 लाख रह गई। लेकिन अब एक बार फिर यह संख्या बढ़कर 38 ला से अधिक हो गई है, जो कोरोना की पहले की 41 लाख की संख्या के करीब है। बात अगर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की की जाए तो कोरोना महामारी 2018-19 में यह संख्या 6 करोड़ थी जो कोरोना महामारी में लगे प्रतिबंधों के बाद गिरकर एक करोड़ आ गई। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह उम्मीद जताई कि 27 मार्च से जो अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू की जा रही है, उसके बाद भारत विश्व के दूसरे हिस्से से एक बार फिर जुड़ सकेगा।





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