Kochi में यहूदी उपासनागृह के पास आगजनी पर UAPA लागू, NIA कर सकती है जांच

केरल के कोच्चि में यहूदी उपासनागृह के सामने स्थित एक नर्सरी में आग लगाने के आरोपी एबिन पॉल पर विशेष जांच दल ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की धाराएं लगाई हैं। पुलिस आयुक्त के अनुसार आरोपी को टेलीग्राम ऐप के माध्यम से निर्देश मिल रहे थे और घटना के पीछे बड़ी साजिश का संदेह है। मामले की जांच अब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को सौंपे जाने की संभावना है।
केरलम के कोच्चि में एक यहूदी उपासनागृह के पास आगजनी के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाई हैं और इस मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंपी जा सकती है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने कोच्चि सेंट्रल थाने के अंतर्गत एर्नाकुलम बाजार में कडावुभागम यहूदी उपासनागृह के सामने स्थित ‘ब्लॉसम नर्सरी’ में आग लगाने के आरोप में पुथेनक्रूज निवासी एबिन पॉल (32) को गिरफ्तार किया था।
यह घटना 12 अक्टूबर को तड़के हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि कानूनी सलाह लेने के बाद एसआईटी ने बृहस्पतिवार को आरोपी के खिलाफ यूएपीए की धारा 16 और 18 लगाईं। धारा 16 आतंकवादी कृत्यों और धारा 18 ऐसे कृत्यों की साजिश रचने से संबंधित हैं।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने इस संबंध में अदालत में एक रिपोर्ट भी दाखिल की है। कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त एस. कलीराज महेश कुमार ने कहा कि जांचकर्ताओं को इस घटना के पीछे बड़ी साजिश होने का संदेह है, इसलिए यूएपीए की धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि मिले सबूतों से संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने में कुछ और लोगों की संलिप्तता की संभावना का भी संकेत मिलता है।
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जांच में सामने आए सबूतों से संकेत मिलता है कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहा था। कई लोग उसे खास स्थानों को निशाना बनाने और कुछ गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश दे रहे थे।’’ जांचकर्ताओं को पता चला कि पॉल को संदेश भेजने वाले ऐप ‘टेलीग्राम’ के जरिए एक व्यक्ति से निर्देश मिलते थे, जिसके इशारे पर वह काम कर रहा था। उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से पता चला कि आगजनी की घटना को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था।
कुमार ने बताया कि राज्य का आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) शुरू से ही जांच में शामिल है और सबूत जुटाने तथा इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता का पता लगाने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य केंद्रीय एजेंसियों से भी संपर्क किया गया है। कोच्चि में आगजनी की घटना के अलावा पुलिस ने पॉल के खिलाफ इसी तरह की तीन अन्य घटनाओं के संबंध में भी मामले दर्ज किए हैं।
इनमें मुवत्तुपुझा में एक मकान और पुरानी कारों के एक शोरूम से जुड़ी घटनाएं शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि मामले में यूएपीए की धाराएं लगाए जाने के बाद एनआईए जांच अपने हाथ में ले सकती है। अधिकारियों ने कहा कि पॉल को निर्देश देने वाले संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने के लिए एनआईए की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, पुलिस आयुक्त ने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का अंतिम फैसला सरकार करेगी। पॉल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
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