LoC के पास घुसपैठ की फिराक में थे दो आतंकवादी, तभी जवानों की पड़ गयी नजर, धुरंधर स्टाइल में मार गिराया!

Kupwara Encounter
ANI

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में एलओसी के पास भारतीय सेना ने आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में आज तड़के हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

पाकिस्तान की सरपरस्ती में पलने वाले आतंकवादियों के लिए भारतीय सेना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने और भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। हम आपको बता दें कि कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में आज तड़के सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास हुई इस मुठभेड़ ने उन आतंकियों के मंसूबों को करारा झटका दिया है, जो चोरी-छिपे भारतीय सीमा में दाखिल होकर हिंसा फैलाने का सपना देखते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे जुमागुंड इलाके में एलओसी के पास सुरक्षा बलों ने कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं। जवानों ने संदिग्धों को चुनौती दी और उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। फिलहाल सुरक्षा बल इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि किसी अन्य आतंकवादी की मौजूदगी या छिपे हुए खतरे को ध्वस्त किया जा सके।

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देखा जाये तो कश्मीर में आतंकवाद फैलाने का सपना देखने वालों को समझना होगा कि भारतीय सुरक्षा बल हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। जंगलों, पहाड़ी रास्तों और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर बच निकलने की उम्मीद पालने वाले आतंकवादियों के लिए भी रास्ता आसान नहीं है। भारतीय सेना की ताकत केवल उसके हथियारों में नहीं, बल्कि जवानों की सतर्कता, प्रशिक्षण, रणनीतिक क्षमता और देश की सुरक्षा के प्रति अटूट संकल्प में है। आतंकवादियों को यह संदेश साफ है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और देश की संप्रभुता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हथियार उठाकर निर्दोष लोगों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कानून और सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी रहेगी।

हम आपको यह भी बता दें कि सेना की पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को योल में राइजिंग स्टार कोर का दौरा किया। इस दौरान कोर के कमांडरों के साथ बदलते सुरक्षा परिदृश्य, उभरते खतरों और भविष्य की आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, बैठक में प्रौद्योगिकी आधारित युद्ध प्रणालियों के इस्तेमाल, क्षमताओं में वृद्धि और एकीकृत युद्धक क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही संभावित चुनौतियों का पहले से आकलन करने और अभियानों में निर्णायक परिणाम हासिल करने की तैयारी पर भी चर्चा हुई।

बहरहाल, कुपवाड़ा में हुई मुठभेड़ और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की तैयारियों से जुड़ी समीक्षा, दोनों ही सीमावर्ती सुरक्षा के प्रति सतर्कता के महत्व को रेखांकित करती हैं। इनसे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा बल जमीनी चुनौतियों और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए लगातार अपनी क्षमताएं मजबूत कर रहे हैं। आतंकवादियों और उनके मददगारों के लिए संदेश दोटूक है कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

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