Lok Sabha में लौटे स्पीकर ओम बिरला का विपक्ष को कड़ा संदेश, किसी को विशेषाधिकार नहीं, नियमों से चलेगा सदन

Om Birla
ANI
अंकित सिंह । Mar 12 2026 12:47PM

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद सदन की कार्यवाही संभाली और पक्षपात के आरोपों को नकारते हुए कहा कि वे हमेशा नियमों के तहत सदन में संतुलन और निष्पक्षता बनाए रखने का प्रयास करते हैं।

विपक्ष द्वारा उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किए जाने के एक दिन बाद, ओम बिरला आज लोकसभा में अध्यक्ष की कुर्सी पर वापस लौटे। विपक्ष द्वारा उन पर लगाए गए पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए बिरला ने कहा कि कुछ लोगों ने मुझ पर कुछ सांसदों को संसद में बोलने से रोकने का आरोप लगाया है। लेकिन मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं हमेशा सभी सांसदों को बोलने की अनुमति देता हूं, लेकिन नियमों और विनियमों के तहत। 

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अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में कहा कि मैंने हमेशा यह प्रयास किया है कि लोकसभा में प्रत्येक सदस्य नियमों के अनुसार अपने विचार रखें, इसके लिए सभी को समय देने का प्रयास किया है। मैंने हमेशा यह प्रयास किया कि सदन की कार्यवाही निष्पक्षता, अनुशासन, संतुलन और नियमों के साथ संचालित हो। उन्होंने कहा कि मैंने अपने नैतिक कर्तव्य का पालन करते हुए अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के साथ ही लोकसभा की कार्यवाही के संचालन से खुद को अलग कर लिया।

इसके साथ ही बिरला ने कहा कि सदन द्वारा मुझ पर व्यक्त किए गए विश्वास के लिए सभी का आभार व्यक्त करता हूं, इस विश्वास को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए पूरी निष्ठा, निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा के साथ निभाऊंगा। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों का मानना था कि नेता प्रतिपक्ष सदन से ऊपर हैं और किसी भी विषय पर बोल सकते हैं, लेकिन ऐसा विशेषाधिकार किसी को नहीं है और चाहे प्रधानमंत्री हों, मंत्री हों, विपक्ष के नेता हों या अन्य सदस्य, सभी को नियम के अनुसार ही बोलने का अधिकार है। ये नियम सदन ने ही बनाए हैं और मुझे विरासत में मिले हैं। 

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ओम बिरला ने कहा कि स्वतंत्र भारत के संसदीय इतिहास में तीसरी बार लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई है। मैंने हमेशा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सदन का प्रत्येक सदस्य नियमों और प्रक्रियाओं के दायरे में रहकर मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करे। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एलपीजी के मुद्दे पर बोलने देने की मांग करते हुए कांग्रेस सदस्यों ने शोर-शराबा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 

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