झाबुआ में लोकायुक्त की कार्रवाई, वेतन बिल पास करने के लिए घूस लेते Clerk पकड़ाया

मध्यप्रदेश के झाबुआ में लोकायुक्त पुलिस ने एक क्लर्क को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। यह रिश्वत बालक छात्रावास अधीक्षक के 2.30 लाख रुपये के बकाया वेतन बिल को पास कराने के एवज में मांगी गई थी। इस मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी और लिपिक दोनों पर केस दर्ज किया गया है।
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में एक सरकारी छात्रावास के अधीक्षक से उसकी निलंबन अवधि के वेतन से जुड़े करीब 2.30 लाख रुपये के बिल को मंजूरी देने के एवज में कथित तौर पर 10,000 रुपये की रिश्वत लेते एक कर्मचारी को बृहस्पतिवार को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। निरीक्षक आशुतोष मिठास के मुताबिक सेमलिया बड़ी गांव के शासकीय बालक छात्रावास के अधीक्षक धूम सिंह सिंगाड़ ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि उनकी निलंबन अवधि के आठ माह के वेतन के करीब 2.30 लाख रुपये के बिल मंजूर करने के एवज में उनसे रिश्वत मांगी जा रही है।
उन्होंने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद लोकयुक्त पुलिस ने जाल बिछाया। मिठास ने बताया,‘‘विकासखंड शिक्षा अधिकारी जयनारायण बैरागी ने शिकायतकर्ता से कहा कि वह उनके कार्यालय में पदस्थ लिपिक (क्लर्क) पवन सिंह बिलवाल को रिश्वत की रकम दे दे। हमने बिलवाल को 10,000 रुपये की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।’’ उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के संबद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।
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