महुआ मोइत्रा ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जरूरत पर उठाया सवाल, तो सिंधिया ने दिया ये जवाब

महुआ मोइत्रा ने  नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जरूरत पर उठाया सवाल, तो सिंधिया ने दिया ये जवाब

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महुआ मोइत्रा के उठाए सवाल पर जवाब देते हुए संसद में अपने मंत्रालय की प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने कहा की नागरिक उड्डयन भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मुख्य तत्व बन गया है। सिंधिया ने कहा कि पहले देश के कुछ बड़े शहरों में ही हवाई अड्डे थे

एयर इंडिया के निजीकरण के बाद से ही विपक्ष लगातार इस के निजीकरण को लेकर सरकार पर हमलावर है। अब विपक्ष ने संसद में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जरूरत पर ही सवाल उठा दिया है। महुआ मोइत्रा ने जब इस बारे में सवाल किया तो नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आंकड़ों के साथ इसका जवाब दिया और देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय अहमियत बताई।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि देश में महिला पायलट की संख्या कुल स्टाफ का 15 फीसदी से भी ज्यादा है, जबकि दुनिया के दूसरे देशों में महिला पायलटों की संख्या 5 प्रतिशत तक ही महदूद है। दरअसल विपक्ष एयर इंडिया के निजीकरण के बाद से ही सरकार पर हमलावर है और यह सवाल कर रहा है कि एयर इंडिया को बेच देने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जरूरत क्या है?

क्या बोली थीं महुआ मोइत्रा

आपको बता दें मंगलवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद में कहा था कि अपने देश और बांग्लादेश के अलावा किसी भी देश ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के लिए स्वतंत्र मंत्रालय नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बजट का 60 से 95 फीसदी तो एयर इंडिया पर ही खर्च किया जा रहा था। अब जब एयर इंडिया सरकार की नहीं रही तो इस मंत्रालय की जरूरत क्या है? इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि 1240 करोड़ जो इस मंत्रालय का बजट है उसे मिलाकर परिवहन क्षेत्र के लिए एक समग्र मंत्रालय बनाया जाए।

सिंधिया ने दिया ये जवाब

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महुआ मोइत्रा के उठाए सवाल पर जवाब देते हुए संसद में अपने मंत्रालय की प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने कहा की नागरिक उड्डयन भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मुख्य तत्व बन गया है। सिंधिया ने कहा कि पहले देश के कुछ बड़े शहरों में ही हवाई अड्डे थे, लेकिन आज यह पूरी तरह से तब्दील हो गया है। पिछले 20-25 सालों में इस सेक्टर में बहुत तब्दीलियां हुई हैं। यहां रोजगार के बड़े-बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।





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