दिशाहीन, इसमें कुछ नहीं है, बंगाल को आवंटन में नजरअंदाज किया... केंद्रीय बजट पर ममता बनर्जी का तीखा रिएक्शन

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इसमें शिक्षा क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया गया है और इसने लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है। उन्होंने केंद्र पर जानबूझकर पश्चिम बंगाल को आवंटन में नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और दावा किया कि भाजपा को आगामी विधानसभा चुनावों में हार की आशंका के चलते राज्य को दरकिनार किया गया है।
बजट पेश होने से पहले, आम आदमी से लेकर बाजार विशेषज्ञों तक, सभी के मन में कई तरह की अपेक्षाएं होती हैं। लोक लुभावनी घोषणा का जनता बेसब्री से इंतजार कर रही होती है। पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए देश का आम बजट पेश किया। एक तरफ जहां केंद्रीय मंत्री अमित शाह से लेकर तमाम बीजेपी नेताओं ने बजट की सरहाना की और इसे दूरदर्शी बताया। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे दिशाहीन बताया। केंद्रीय बजट 2026-27 दिशाहीन है, इसमें दूरदर्शिता का अभाव है और बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इसमें शिक्षा क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया गया है और इसने लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है। उन्होंने केंद्र पर जानबूझकर पश्चिम बंगाल को आवंटन में नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और दावा किया कि भाजपा को आगामी विधानसभा चुनावों में हार की आशंका के चलते राज्य को दरकिनार किया गया है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 में कर संबंधी कई प्रस्तावों की घोषणा की, जिनका उद्देश्य जीवनयापन को सुगम बनाना, अनुपालन को सरल बनाना और आम करदाताओं को राहत प्रदान करना है। संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान आयकर प्रणाली को सरल और नागरिक-हितैषी बनाने पर है। इसी प्रयास के तहत उन्होंने घोषणा की कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया कोई भी ब्याज आयकर से मुक्त होगा। इस कदम से दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कर कटौती के कारण प्राप्त मुआवजे में कोई कमी न आए।
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सीतारामन ने विदेश यात्रा पर लगने वाले कर (TCS) में भी भारी कमी की घोषणा की। उन्होंने विदेशी पर्यटन पैकेजों की बिक्री पर TCS दर को घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। वर्तमान में TCS दरें 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत हैं। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 2 प्रतिशत की घटी हुई दर बिना किसी राशि की सीमा के लागू होगी, जिससे विदेशी यात्रा लेनदेन करदाताओं के लिए सरल और कम बोझिल हो जाएंगे।
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