Abhijeet Dipke की हिरासत पर बोलीं Mamata Banerjee, Delhi Police का यह कदम अघोषित आपातकाल

Mamata Banerjee
ANI
अंकित सिंह । Oct 16 2026 6:34PM

दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस कार्यक्रम से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और छात्र नेता नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया। ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को अघोषित आपातकाल बताते हुए सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वहीं वामपंथी सांसदों और प्रदर्शनकारियों ने इस कदम के खिलाफ विरोध मार्च निकाला।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि वे भारतीय तिरंगा झंडा थामे हुए थे। 'X' पर एक पोस्ट में, बनर्जी ने इस स्थिति को अघोषित आपातकाल करार दिया और सरकार पर युवाओं को डराने-धमकाने और असहमति की आवाज़ को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दिपके, आशुतोष और सौरव के प्रति अपना समर्थन जताया और कहा कि वे भारत के युवाओं के साहस, अंतरात्मा और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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बनर्जी ने लिखा कि आपकी दीदी मजबूती से आपके साथ खड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि डराने-धमकाने और हिरासत में लेने से लोकतंत्र की भावना को कुचला नहीं जा सकता। उन्होंने लोगों से लोकतंत्र, आज़ादी और असहमति जताने के अधिकार के लिए आगे आने की अपील भी की। यह अघोषित आपातकाल से कम नहीं है। जो सरकार असहमति से डरती है, वह अब पूरी एक पीढ़ी को डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश कर रही है। यह एक ऐसी फासीवादी व्यवस्था का आचरण है, जो अपनी नियंत्रण से बाहर की किसी भी आवाज़ को बर्दाश्त नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा कि अभिजीत, आशुतोष, सौरव — आप भारत के युवाओं के साहस, अंतरात्मा और उनकी आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप किसी पूरी पीढ़ी की आवाज़ को दबाकर उसे चुप नहीं करा सकते। आपकी दीदी पूरी मजबूती से आपके साथ खड़ी हैं। कोई भी धमकी, कोई भी हिरासत और सत्ता का कोई भी दुरुपयोग लोकतंत्र की भावना को कुचल नहीं सकता। जागो, भारत! लोकतंत्र, आज़ादी और असहमति जताने के अधिकार के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और छात्र नेता नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दिपके को तब हिरासत में लिया गया जब वे 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कनॉट प्लेस जा रहे थे, जबकि बोरा को तब हिरासत में लिया गया जब उन्होंने मंडी हाउस से अपना मार्च शुरू ही किया था। यह कार्यक्रम 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे आयोजित किया जाना था। दिल्ली पुलिस ने दीपके से इस आयोजन को रद्द करने का आग्रह किया था, जिसका कारण ट्रैफिक में बाधा, सार्वजनिक सुरक्षा और व्यापारियों तथा यात्रियों को होने वाली असुविधा की चिंताएं थीं। फिलहाल कनॉट प्लेस से प्रदर्शनकारियों को पुलिस हटा रही है।

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SFI, DYFI, AISF, AIYF के साथ-साथ सांसद जॉन ब्रिटास, वी. शिवदासन, ए.ए. रहीम और संतोष कुमार भी कनॉट प्लेस तक निकाले गए विरोध मार्च में शामिल हो गए हैं। दिपके उस घर से बाहर निकला जहाँ वह ठहरा हुआ था और सड़क की ओर चल पड़ा, जहाँ पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। थोड़ी बातचीत के बाद, पुलिस वाले उसे अपनी गाड़ी में बिठाकर ले गए। जंतर-मंतर के प्रवेश बिंदु पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहाँ प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए हैं और चल रहे CJP विरोध-प्रदर्शन के बीच नारे लगा रहे हैं।

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