Manoj Sinha बोले, Jammu Kashmir में Article 370 हटने के बाद 780 से अधिक आतंकी ढेर

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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को श्रीनगर में यूटी स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 2019 के बाद से पथराव की घटनाएं पूरी तरह खत्म हो गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा में आए बड़े बदलाव से लोकतंत्र और विकास को मजबूती मिली है।

(फोटो के साथ) श्रीनगर, 31 अक्टूबर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने के बाद से इस केंद्र शासित प्रदेश में आया बदलाव शांति, विकास, समान अधिकारों और सुशासन की ताकत को दर्शाता है। सिन्हा ने यह भी दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद आतंकवाद, अलगाववाद और पथराव की जगह लोकतंत्र, विकास और जनभागीदारी ने ले ली है। उपराज्यपाल ने श्रीनगर स्थित ‘शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर’ (एसकेआईसीसी) में केंद्र शासित प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया।

सिन्हा ने कहा, ‘‘वर्ष 2020 से अब तक 780 से अधिक आतंकवादी मारे जा चुके हैं और पथराव की घटनाएं पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। अब जम्मू कश्मीर में सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है।’’ उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के आठवें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को बधाई दी और समृद्ध एवं आत्मनिर्भर जम्मू कश्मीर के निर्माण में किसानों, शिक्षकों, विद्वानों, लेखकों, कलाकारों, शिल्पकारों, व्यापारियों, श्रमिकों, सुरक्षाकर्मियों, युवाओं और महिलाओं के योगदान को सराहा।

उन्होंने कहा कि यह अवसर विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह सरदार पटेल की जयंती के साथ पड़ रहा है, जिनकी राष्ट्रीय एकता की परिकल्पना आज भी देश को प्रेरित करती है। सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2019 की घटनाओं ने एकीकरण, समानता और विकास की दिशा में यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय लिखा। उन्होंने कहा, ‘‘आज का दिन महज एक तारीख नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मील का पत्थर है जिसने इतिहास की दिशा बदल दी और राष्ट्रीय एकीकरण, समानता तथा समावेशी विकास की भावना को मजबूत किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 हटाए जाने से आम नागरिकों को भय से मुक्ति मिली और उन अधिकारों तक पहुंच मिली, जिनसे वे दशकों से वंचित थे।

जम्मू-कश्मीर शांति, विकास और सुशासन के एक मॉडल के रूप में उभरा है।’’ लोगों की आकांक्षाओं का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर का भविष्य शांति, समान अवसरों और विकास से तय होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर का भविष्य आतंकवाद के साये में नहीं, बल्कि शांति के उजाले में है; भेदभाव की दीवारों के पीछे नहीं, बल्कि समान अवसरों में है और ठहराव में नहीं, बल्कि प्रगति की गति में है।’’ उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद आतंकवाद, अलगाववाद और पथराव की जगह लोकतंत्र, विकास और जनभागीदारी ने ले ली है। सिन्हा ने कहा, ‘‘हमने शांति खरीदी नहीं, बल्कि उसे स्थापित किया है।

आतंकवाद को कतई सहन नहीं करने की नीति ने आतंकी नेटवर्क को कमजोर किया और पूरे जम्मू कश्मीर में सामान्य जनजीवन बहाल किया।’’ उन्होंने कहा, “मेरा सपना है कि 2047 तक जम्मू कश्मीर आधुनिक अर्थव्यवस्था, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं, उत्कृष्ट शिक्षा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ खुशहाली के एक मॉडल के रूप में उभरे।”

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