Mau News: दुष्कर्म पीड़िता के पिता पर झूठा केस दर्ज कराने वाला UP Police सिपाही गिरफ्तार

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पुलिस कांस्टेबल विशाल भारती समेत चार लोगों को शनिवार को पुलिस ने पकड़ा। पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा के अनुसार, आरोपियों ने खुद पर चल रहे मामले में दबाव बनाने के लिए पीड़िता के पिता के खिलाफ फर्जी दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।

उत्तर प्रदेश के मऊ में नाबालिग लड़की के पिता को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रचने के आरोप में एक पुलिस कांस्टेबल और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। लड़की ने पूर्व में कांस्टेबल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह गिरफ्तारी 23 जुलाई को लड़की के पिता के खिलाफ दर्ज मामले की जांच के बाद हुई। एक महिला ने शिकायत की थी कि लड़की के पिता ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म किया और इस बारे में किसी को न बताने के लिए कहते हुए धमकी दी। यह मामला कोतवाली नगर थाने में दर्ज किया गया था।

पुलिस ने बताया कि संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और अन्य सबूतों की जांच के दौरान शिकायत के पीछे कथित साजिश का पता चला। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मऊ पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल विशाल भारती, सकीना खातून, निसार उर्फ नेसार अहमद और जोया उर्फ गुल निहार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस साजिश का संबंध 2023 में भारती के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के एक मामले से था।

उस समय भारती मुहम्मदाबाद गोहना थाने में तैनात था। नाबालिग लड़की ने भारती पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और उसके निजी वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले में भारती करीब सात महीने जेल में रहा था। फिलहाल इस मामले की सुनवाई मऊ की सत्र अदालत में जारी है। पुलिस का आरोप है कि पहले मामले में दोषी ठहराए जाने की आशंका के बाद भारती ने तीन अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची।

इसके तहत शिकायत करने वाली महिला को पैसे देने का लालच देकर लड़की के पिता के खिलाफ दुष्कर्म का नया मामला दर्ज कराया गया। पुलिस के अनुसार, इस साजिश का मकसद पहले मामले की सुनवाई को प्रभावित करना और नाबालिग लड़की के परिवार पर दबाव बनाना था। चारों आरोपियों को शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे सोनीधापा मैदान के पास से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि जांच में लड़की के पिता के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे पाए गए और उन्हें गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया था।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़